विधायक सीमा त्रिखा ने किया बड़खल में गणतंत्र दिवस पर ध्वजारोहण
उपमंडल स्तरीय 75 वें गणतंत्र समारोह में किया होनहारों को प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित
फरीदाबाद, 26 जनवरी । विधायक सीमा त्रिखा ने बङखल के दशहरा ग्राउंड में ध्वजारोहण कर परेड का निरीक्षण करने उपरान्त उपस्थित लोगों को सम्बोधित किया।वहीं उपमण्डल स्तरीय 75 वें गणतंत्र समारोह में प्रशासनिक तथा पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों और समाज सेवकों को भी प्रशस्ति पत्र सम्मानित किया। विधायक सीमा त्रिखा ने अपने संबोधन में कहा कि 74 वर्ष पहले सन 1950 में आज ही के दिन हमारा संविधान लागू हुआ था। इसी संविधान के कारण हम सभी को समान न्याय, स्वतंत्रता एवं समानता का अधिकार मिला।
आज इस अवसर पर बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर सहित संविधान सभा के तमाम सदस्यों को नमन करती हूँ। आज का यह ऐतिहासिक दिन देषवासियों को एक मजबूत राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ने के लिए साहस और प्रेरणा देता है। इस दिन हम उन महापुरुषों को भी याद करते हैं, जिन्होंने भारत को स्वतंत्रता दिलवाने और भारतीय संविधान को लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इनकी बदौलत ही भारत आज एक गणराज्य देश कहलाता है। देश को आजादी दिलाने के लिए राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, लाला लाजपत राय, सरदार बल्लभ भाई पटेल, डाॅ राजेन्द्र प्रसाद, पंडित दीनदयाल उपाध्याय जैसे महापुरूषों और स्वतंत्रता सेनानियों ने कड़ा संघर्ष किया। वहीं शहीद भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव, चंद्र शेखर आजाद और उधम सिंह जैसे क्रांतिकारियों के बलिदानों के कारण ही आज हम खुली हवा में सांस ले रहे हैं।
हमारे महान भारतीय स्वतंत्रता सेनानियों ने भारत में ‘‘पूर्ण स्वराज‘‘ के लिए लम्बे समय तक संघर्ष किया है। उन्होंने ऐसा इसलिए किया ताकि उनकी आने वाली पीढ़ियां किसी की गुलाम बनकर न रहे और स्वतंत्र रूप से अपने अधिकारों का निर्वहन कर सके। हमारे देश के गणतंत्र ने देशवासियों को सामाजिक समरसता तथा जनप्रतिनिधित्व का अधिकार दिया है। स्वतंत्रता के बाद से ही भारत दुनिया में एक बड़ी ताकत के तौरपर अपनी पहचान बनाने में कामयाब रहा है। इसका श्रेय हमारे उन राजनेताओं को, यहां के कर्मठ किसान-मजदूरों को, कारीगरों को तथा साईंसदानों को जाता है। जिन्होंने दिन-रात एक करके इस देश को विकास को गति प्रदान की। आज हमारा भारत देश प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में चहुंमुखी प्रगति कर रहा है।
