शिल्पकारों के हस्तशिल्प, हैंडलूम व जैविक उत्पाद बन रहे आकर्षण का केंद्र

ग्रामीण भारत की आत्मनिर्भरता, कारीगरी और संस्कृति का प्रतीक बना सूरजकुंड शिल्प मेला

फरीदाबाद। पर्यटन विभाग द्वारा फरीदाबाद के सूरजकुंड में आयोजित 39 वें अंतरराष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प मेले में हरियाणा, थीम स्टेट मेघालय व उत्तर प्रदेश के साथ-साथ विभिन्न राज्यों व विदेशों के शिल्पकारों द्वारा बनाए गए हस्तशिल्प, हैंडलूम,जैविक उत्पाद, सजावटी वस्तुएं,और दैनिक उपयोग की वस्तुएं आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। यह मेला ग्रामीण हस्तशिल्प,संस्कृति और व्यंजनों का अद्भुत संगम बना है, जहां हरियाणा सहित देश व विदेश से आए शिल्पकार अपने उत्पादों का प्रदर्शन व विक्री कर रहे है।

देश व विदेश से आए शिल्पकारों द्वारा सूरजकुंड मेले की खूब सराहना की जा रही है। सूरजकुंड का यह मेला न केवल ग्रामीण उत्पादों को बढ़ावा दे रहा है, बल्कि पर्यटकों को भी एक अनूठा अनुभव प्रदान कर रहा है। इस मेले में हस्तशिल्प,हैंडलूम, जैविक उत्पाद, सजावटी वस्तुएं और दैनिक उपयोग की वस्तुएं विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। पर्यटन विभाग द्वारा सूरजकुंड मेले का आयोजन 15 फरवरी तक किया जा रहा है। सूरजकुंड मेला देश व विदेश के शिल्पकारों को एक मंच प्रदान कर रहा है, जहां ये अपने उत्पादों को प्रदर्शित करते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंच बना रहे है।

सूरजकुंड मेला शिल्पकारों को आत्मनिर्भर बनाने और अर्थव्यवस्था को सशक्त करने की दिशा में सहायक सिद्ध हो रहा है। सूरजकुंड मेला सिर्फ खरीदारी के लिए ही नहीं,बल्कि हरियाणा के साथ-साथ भारतकी विविधतापूर्ण संस्कृति को जानने और समझने का भी स्थान है। यहाँ देश विदेश के लोक कलाकार अपने नृत्य और संगीत का प्रदर्शन करते हैं, जिससे यह मेला और भी मनोरंजक बन जाता है। सूरजकुंड का यह 39वां अंतरराष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प मेला देशभर के बेहतरीन शिल्पकारी द्वारा तैयार शिल्प और हैंडलूम उत्पाद, उत्कृष्ट वस्तुओं के साथ-साथ विभिन्न राज्यों के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद, सांस्कृतिक कार्यक्रम, संगीत और कला के शानदार प्रदर्शन का केंद्र बना हुआ है।

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