सैलरी बढ़ाने को लेकर कर्मचारियों ने किया कंपनी गेट पर प्रदर्शन
फरीदाबाद। सेक्टर-24 स्थित साधु ओवरसीज नामक कंपनी में काम करने वाले सैकड़ों महिला- पुरुष कर्मचारियों ने मंगलवार को सैलरी नहीं बढ़ाए जाने को लेकर कंपनी के खिलाफ नाराजगी जाहिर की। इस दौरान गुस्साए कर्मियों ने काम बंद कर दिया और कंपनी के मुख्य गेट के बाहर खड़े होकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। अचानक बड़ी संख्या में कर्मचारियों के बाहर आ जाने से कुछ देर के लिए कंपनी के बाहर माहौल तनावपूर्ण हो गया। प्रदर्शनकारी कमचारियों का कहना है कि वे पिछले कई सालों से कंपनी में काम कर रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद आज भी उन्हें मात्र 10 हजार 500 रुपये की सैलरी दी जा रही है। उनका आरोप है कि वे ठेकेदार के माध्यम से कंपनी में काम करते हैं और जब भी सैलरी बढ़ाने की बात करते हैं तो ठेकेदार साफ मना कर देता है।
ठेकेदार का कहना होता है कि जब कंपनी ही सैलरी नहीं बढ़ा रही है तो वह अपने स्तर पर कैसे बढ़ा सकता है। कर्मचारियों ने बताया कि कई बार वे ठेकेदार से सैलरी बढ़ाने की मांग कर चुके हैं, लेकिन हर बार उन्हें बहला-फुसलाकर काम पर बुला लिया जाता है। उनसे कहा जाता है कि इस महीने सैलरी बढ़ा दी जाएगी, लेकिन इसी तरह पूरा महीना निकाल दिया जाता है और आखिर में कोई बढ़ोतरी नहीं होती। कर्मचारियों का कहना है कि मौजूदा महंगाई के दौर में 10 हजार 500 रुपए की सैलरी में घर चलाना बेहद मुश्किल हो गया है। ओवरटाइम करने के बाद भी उनकी सैलरी कटने के बाद केवल 14 से 15 हजार रुपए तक ही पहुंच पाती है। ज्यादातर कर्मचारी किराए के मकानों में अपने परिवार के साथ रहते हैं। ऐसे में बच्चों की पढ़ाई, घर का खर्च और रोजमर्रा की जरूरतें इतनी कम सैलरी में पूरी करना मुश्किल हो रहा है।
इसी कारण सभी वर्करों ने एकजुट होकर सैलरी बढ़ाने की मांग को लेकर काम बंद कर कंपनी के बाहर प्रदर्शन किया। करीब डेढ़ घंटे तक कंपनी के बाहर विरोध प्रदर्शन करने के बाद कंपनी के एचआर की ओर से मैनेजर मौके पर पहुंचे और कर्मचारियों से बातचीत की। कंपनी प्रबंधन की तरफ से उन्हें समझाया गया और उनकी मांगों को सुनने का आश्वासन दिया गया। इसके बाद करीब डेढ़ घंटे बाद सभी वर्कर दोबारा कंपनी के अंदर चले गए और काम शुरू कर दिया। इस मामले में साधु ओवरसीज कंपनी के मैनेजर पंकज सैनी ने बताया कि कुछ कर्मचारी किसी के बहकावे में आकर कंपनी के गेट के बाहर खड़े हो गए थे। उन्हें समझाया गया है कि वे कंपनी के अंदर बैठकर अपनी बात रखें। उन्होंने कहा कि कंपनी सैलरी रेट बढ़ाने पर विचार कर रही है और कर्मचारियों से कहा गया है कि नए रेट को देखकर फैसला लें। अगर उन्हें सही लगता है तो काम जारी रखें, अन्यथा वे अपनी मर्जी से निर्णय ले सकते हैं।
