अदालतें विपक्ष का रोल नहीं निभातीं: पूर्व CJI चंद्रचूड़ 

पूर्व चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) डीवाई चंद्रचूड़ ने ANI को दिए इंटरव्यू में कहा- लोकतंत्र में विपक्ष का स्पेस अलग है। कुछ लोग न्यायपालिका के कंधों पर बंदूक रखकर गोली चलाना चाहते हैं। वे कोर्ट को विपक्ष में बदलना चाहते हैं, लेकिन न्यायपालिका कानूनों की जांच करने के लिए है।

दरअसल, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कुछ दिनों पहले ज्यूडिशियरी के काम करने के तौर-तरीके पर आपत्ति जताई थी। उन्होंने कहा था कि ज्यूडिशियरी का काम भी विपक्ष ने ले लिया है। हम मीडिया, जांच एजेंसी और न्यायपालिका का काम कर रहे हैं।

राहुल के इसी बयान का जवाब देते हुए CJI ने कहा- मैं राहुल गांधी के साथ बहस नहीं करना चाहता, लेकिन लोगों को यह नहीं मानना ​​चाहिए कि न्यायपालिका को संसद या विधानसभाओं में विपक्ष की भूमिका निभानी चाहिए। यह गलत धारणा है। इसे बदलना चाहिए।

डीवाई चंद्रचूड़ देश के 50वें सीजेआई थे। वे 10 नवंबर को रिटायर हुए थे। 11 नवंबर को जस्टिस संजीव खन्ना ने सुप्रीम कोर्ट के 51वें सीजेआई के रूप में शपथ ली थी। डीवाई चंद्रचूड़ ने 8 नवंबर को अपने विदाई समारोह में कहा था – मैं दिल से सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन को धन्यवाद देना चाहता हूं।

सुप्रीम कोर्ट में वकील अब किसी मामले की तत्काल लिस्टिंग और सुनवाई ओरली (मौखिक) नहीं करा सकेंगे। नए CJI संजीव खन्ना ने मंगलवार को कहा कि वकीलों से इसके लिए ईमेल या रिटन लेटर भेजा होगा। दरअसल, CJI ने ज्यूडिशियल रिफोर्म के लिए सिटिजन सेंट्रिक एजेंडे की रूपरेखा तैयार की है।

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