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विचार

opinion

बेनतीजा शांति-वार्ता ने उतारा पाकिस्तान की औपनिवेशिक दलाली का मुखौटा !

प्रो. विधु रावलकांग्रेस इकोसिस्टम के हताश और पूर्वाग्रह से ग्रस्त मोदी-विरोधी विश्लेषक कुछ दिनों से पाकिस्तान की प्रशंसा में डूबे हुए थे। वे चिल्ला रहे थे कि देखो, पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह का युद्धविराम करा दिया,…
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नारीशक्ति वंदन अधिनियम: आधी आबादी को पूरा अधिकार देने की ऐतिहासिक पहल

प्रवीण बत्रा जोशीभारत में महिलाओं ने हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा, परिश्रम और नेतृत्व क्षमता का सशक्त परिचय दिया है, किंतु लंबे समय तक उन्हें राजनीति में उनका समुचित प्रतिनिधित्व नहीं मिल पाया। जबकि देश की कुल आबादी में महिलाओं की…
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यथार्थ सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल सेक्टर-20 फरीदाबाद में युवा महिला का रोबोटिक स्कार-फ्री थायरॉइड कैंसर…

फरीदाबाद: यथार्थ सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, सेक्टर-20, फरीदाबाद के डॉक्टरों ने एक युवा महिला मरीज का कॉम्प्लेक्स रोबोटिक थायरॉइड कैंसर ऑपरेशन स्कार-फ्री तकनीक से सफलतापूर्वक किया। मरीज को पैपिलरी थायरॉइड कार्सिनोमा का निदान हुआ था। इस…
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गैस एवं पेट्रोल के भंडार की समाप्ति ; मानव सभ्यता के विकास मॉडल पर एक गंभीर प्रश्न !

• डॉ. हेमलता शर्माआधुनिक सभ्यता जिस गति से दौड़ रही है, उसके पीछे सबसे बड़ा ईंधन पेट्रोल और गैस हैं। शहरों की चकाचौंध, उद्योगों की रफ्तार, सड़कों पर भागती गाड़ियाँ और आसमान में उड़ते विमान—इन सबके केंद्र में यही ऊर्जा स्रोत हैं। लेकिन…
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‘जब तक सजा दर्दनाक नहीं होगी, ऐसे अपराध नहीं रुकेंगे’

सहदेव माहौरसुप्रीम कोर्ट ने एसिड अटैक को लेकर जो बात कही, वह सिर्फ कानून की टिप्पणी नहीं थी। वह उन लोगों की आवाज़ थी, जो सालों से चुपचाप दर्द सह रहे हैं। कोर्ट ने कहा कि जब तक आरोपियों को ऐसी सजा नहीं मिलेगी जो उन्हें सच में दर्द का…
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आमजन के राज्यपाल: आचार्य देवव्रत

राज्यपाल का पद लंबे समय तक भारतीय राजनीति में केवल औपचारिकता और प्रोटोकॉल का प्रतीक माना जाता रहा है। राजभवन को अक्सर बड़े-बुजुर्ग नेताओं के विश्राम स्थल की तरह देखा गया, जहां गतिविधियाँ केवल दीक्षांत समारोहों या औपचारिक मुलाक़ातों तक सीमित…
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साकार हो रहा मोदी जी का स्वदेशी सपना, जीएसटी राहत से हर क्षेत्र में नई उड़ान

मोदी सरकार का उद्देश्य सिर्फ आर्थिक लाभ तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक सांस्कृतिक और सामाजिक आंदोलनलेखक : शमशेर खरक प्रदेश मीडिया सह प्रभारी,भाजपा हरियाणाकोई भी देश तभी आत्मनिर्भर बन सकता है, जब वह अपनी रोजमर्रा की जरूरतों का सामान…
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इंदिरा गांधी ने इमरजेंसी लगाकर भारतीय लोकतंत्र पर ग्रहण लगाया : प्रो. विधु रावल

25 जून 1975 को सूर्यास्त होने के बाद शायद ही किसी को आभास हुआ होगा कि यह अंधेरा लम्बे समय तक छटने वाला नही है। उस रात की कालिमा ने भारतीय लोकतंत्र पर ग्रहण लगा दिया। चंद घण्टे पहले दिल्ली के रामलीला मैदान में सम्पन्न हुई इंदिरा-विरोधी रैली…
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भूत-प्रेत की कहानियों से शुरू हुआ अंधविश्वास का जाल

बचपन में बड़े बुजुर्ग अक्सर भूतों से उनके साथ हुई घटनाओं के किस्से सुना महफ़िल लूट लिया करते थे, जिनमें उनका भूतों के साथ बीड़ी पीना आम बात थी और कई बार वो भूतों को हड़का भी देते थे, तब साथ वाले उनके साथी बुजुर्ग उनसे भी भयंकर वाला किस्सा…
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अपमान से आत्मगौरव तक: मोदी युग में बदला भारत !

1965 में भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी को अमेरिका के राष्ट्रपति लिंडन जॉनसन ने अमरीका आने का एक आधिकारिक निमंत्रण भेजा था। शास्त्री जी विदेश यात्रा पर थे, वहीं से अमेरिका जाने की योजना थी, पर रास्ते में ही अचानक…
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