श्याम बाबा के भजनों पर जमकर झूमे श्रद्धालु, भजन गायकों ने बांधी समां

धूमधाम से मनाया गया श्री श्याम बाबा सेवा ट्रस्ट का 29वां श्याम संकीर्तन महोत्सव

फरीदाबाद। बल्लभगढ़ शहर की सबसे पुरानी सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं में शामिल श्री श्याम बाबा सेवा ट्रस्ट की ओर से श्री श्याम प्रभु का 29वां संकीर्तन महोत्सव शनिवार रात्रि को अंबेडकर चौक स्थित अटल ऑडिटोरियम के प्रांगण में श्रद्धा और धूमधाम के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ शाम 6 बजे विधि-विधान से हवन-यज्ञ और श्री श्याम प्रभु की अखंड ज्योत प्रज्वलित करने के साथ हुआ। कार्यक्रम की आयोजन के समय अग्रवाल विद्या प्रचारिणी सभा के चेयरमैन देवेंद्र गुप्ता जी द्वारा ज्योति प्रचंड की गई और भजन कीर्तन की शुरुआत की।

इस अवसर पर ट्रस्ट की ओर से श्री श्याम प्रभु का भव्य दरबार सजाया गया तथा उनका अलौकिक श्रृंगार किया गया। प्रभु को 56 भोग अर्पित किए गए। संकीर्तन में बल्लभगढ़ के अलावा फरीदाबाद और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और बाबा के चरणों में शीश नवाकर आशीर्वाद प्राप्त किया। संस्था की ओर से श्रद्धालुओं के लिए विशाल भंडारे का भी आयोजन किया गया। संकीर्तन में दिल्ली से आए भजन गायक मयूर रस्तोगी ने श्री श्याम प्रभु के सुंदर भजनों का गुणगान कर श्रद्धालुओं को भक्तिरस में सराबोर कर दिया। इसके बाद श्रीधाम वृंदावन से पधारे भजन गायक नंदकिशोर शर्मा ने अपने मधुर भजनों से बाबा की महिमा का गुणगान किया।

सज धज के बैठो सांवरिया, मेरे सांवरिया की नजर उतार लो नजर किसी की ना लग जाए जैसे मनमोहक भजनों से संकीर्तन में आने वाले भक्तगण भावविभोर हो गए उनके भजनों पर श्रद्धालु नाचते और झूमते नजर आए। वहीं कोलकाता से आए प्रसिद्ध भजन गायक संजय मित्तल ने श्री श्याम प्रभु के भजनों की मनमोहक प्रस्तुति देकर संकीर्तन में मौजूद भक्तों को भाव-विभोर कर दिया। पूरा पंडाल बाबा श्याम के जयकारों और भक्ति संगीत से गूंज उठा। कार्यक्रम में बल्लभगढ़ के विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री पं. मूलचंद शर्मा ने शिरकत कर श्री श्याम प्रभु का आशीर्वाद लिया। इसके अलावा शहर के समाजसेवी एवं पूर्व पार्षद राव राम कुमार, वार्ड नंबर 40, 42 और 43 के पार्षद दीपक यादव, उनकी धर्मपत्नी रश्मि यादव तथा पवन यादव सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। श्री श्याम बाबा सेवा ट्रस्ट के इस वार्षिक धार्मिक आयोजन में श्रद्धालुओं की भारी भागीदारी देखने को मिली। भव्य दरबार, अखंड ज्योत, 56 भोग, भजन संकीर्तन और विशाल भंडारे के साथ 29वां महोत्सव भक्तिमय वातावरण में संपन्न हुआ।

You might also like
Leave A Reply

Your email address will not be published.