पूजा-अर्चना के साथ शुरू हुआ रामलीला का पूर्वाभ्यास, 10 अक्टूबर से होगा भव्य मंचन

फरीदाबाद। कुमाऊं सांस्कृतिक मंडल (रजि.), जगदंबा मंदिर, प्याली चौक, फरीदाबाद द्वारा आयोजित होने वाली ऐतिहासिक रामलीला के मंचन की तैयारियां शुरू हो गई हैं। रामलीला के पूर्वाभ्यास का शुभारंभ विधिवत पूजा-अर्चना और ईश्वर का आशीर्वाद प्राप्त करने के बाद किया गया। पूर्वाभ्यास शुरू करने से पहले जगदंबा मंदिर प्रांगण में पुरोहित श्री भुवन जोशी के सानिध्य में कुमाऊं सांस्कृतिक मण्डल के पदाधिकारियों, वर्तमान कार्यकर्ताओं एवं सभी कलाकारों ने भगवान श्री राम, श्री हनुमान जी तथा मंदिर प्रांगण में विराजमान सभी देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना की। इस दौरान रामलीला के सफल एवं निर्विघ्न आयोजन के लिए ईश्वर से प्रार्थना कर आशीर्वाद प्राप्त किया गया। इसके पश्चात विधिवत रूप से रामलीला के प्रथम पूर्वाभ्यास की शुरुआत की गई।

मंडल के सदस्यों का मानना है कि किसी भी शुभ कार्य का आरंभ ईश्वर का स्मरण और आशीर्वाद लेकर ही किया जाना चाहिए। इसी धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपरा का निर्वहन करते हुए रामलीला के पूर्वाभ्यास का शुभारंभ भी प्रभु श्री राम के नाम और आशीर्वाद के साथ किया गया। प्रथम पूर्वाभ्यास में मंडल से जुड़े करीब 30 कलाकारों ने पूरे उत्साह, श्रद्धा और समर्पण के साथ अपने-अपने पात्रों के संवाद, अभिनय एवं भाव-भंगिमाओं का अभ्यास किया। अभ्यास के दौरान कलाकारों में विशेष उत्साह देखने को मिला। कुमाऊं सांस्कृतिक मंडल द्वारा वर्ष 1972 से लगातार रामलीला का मंचन किया जा रहा है। इस वर्ष यह गौरवपूर्ण परंपरा अपने 55वें वर्ष में प्रवेश कर रही है। आगामी रामलीला का मंचन 10 अक्टूबर से 19 अक्टूबर 2026 तक प्रतिदिन जगदंबा मंदिर प्रांगण में किया जाएगा।

रामलीला का पूर्वाभ्यास प्रतिदिन रात्रि 9:30 बजे से 11:00 बजे तक मंदिर प्रांगण में किया जा रहा है। रामलीला की विशेषता यह है कि इसमें मंडल के अपने सदस्य ही विभिन्न पात्रों की भूमिका निभाते हैं। आयोजन में युवाओं एवं महिलाओं की भी उल्लेखनीय भागीदारी रहती है। पात्रों के अनुसार इस वर्ष लगभग 50 प्रतिशत युवा एवं महिला कलाकार रामलीला की तैयारियों एवं मंचन से जुड़े हैं। इससे वर्षों पुरानी इस परंपरा को आगे बढ़ाने के साथ-साथ नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, संस्कारों एवं धार्मिक परंपराओं से जोडऩे का कार्य भी हो रहा है। इस अवसर पर कुमाऊं सांस्कृतिक मंडल के अध्यक्ष श्री दिगंबर सिंह बिष्ट, महासचिव श्री प्रताप सिंह खयानत, रामलीला निर्देशक श्री विनोद बिष्ट, सांस्कृतिक सचिव श्री देवकी नंदन जोशी सहित मंडल के वर्तमान कार्यकर्ता, सदस्य एवं कलाकार उपस्थित रहे। निर्देशक श्री विनोद बिष्ट के मार्गदर्शन में कलाकारों ने अपने-अपने पात्रों के संवाद एवं अभिनय का अभ्यास किया।

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