“राष्ट्र के लिए मध्यस्थता 3.0” अभियान के तहत फरीदाबाद में लंबित मामलों के सौहार्दपूर्ण समाधान की पहल
Faridabad : माननीय सर्वोच्च न्यायालय की मध्यस्थता एवं सुलह परियोजना समिति (MCPC) के तत्वावधान में देशभर में “राष्ट्र के लिए मध्यस्थता 3.0” विशेष अभियान का आयोजन 1 अगस्त 2026 से 31 दिसंबर 2026 तक किया जा रहा है। इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य न्यायालयों में लंबे समय से लंबित मामलों का मध्यस्थता के माध्यम से शीघ्र, सरल, किफायती एवं सौहार्दपूर्ण समाधान सुनिश्चित करना है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, फरीदाबाद द्वारा यह अभियान श्री सुधीर जीवन, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश, फरीदाबाद के सक्षम मार्गदर्शन तथा श्री जितेन्द्र सिंह, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट-सह-सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, फरीदाबाद के पर्यवेक्षण में प्रभावी रूप से संचालित किया जा रहा है।
इस अवसर पर श्री जितेंद्र सिंह चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट ने जानकारी देते हुए बताया कि मध्यस्थता विवादों के समाधान का एक प्रभावी एवं सहभागी माध्यम है, जिसमें पक्षकारों को न्यायालयीन प्रक्रिया के साथ-साथ आपसी बातचीत एवं सहमति के आधार पर अपने विवाद का समाधान करने का अवसर मिलता है। मध्यस्थता के माध्यम से विवाद का समाधान होने पर पक्षकारों का समय एवं धन बचता है तथा लंबे समय तक चलने वाली मुकदमेबाजी से भी राहत मिलती है। इसके अतिरिक्त, आपसी सहमति से समाधान होने के कारण पक्षकारों के बीच सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए रखने में भी सहायता मिलती है।
इन मामलों को मध्यस्थता के लिए भेजा जा सकता है
अभियान के अंतर्गत विभिन्न प्रकार के ऐसे मामले, जिनमें आपसी समझौते की संभावना है, मध्यस्थता के माध्यम से निपटाए जा सकते हैं। इनमें प्रमुख रूप से—
वैवाहिक एवं पारिवारिक विवाद
दुर्घटना दावा संबंधी मामले
चेक बाउंस से संबंधित मामले
समझौता योग्य आपराधिक मामले
उपभोक्ता विवाद
पारिवारिक संपत्ति एवं बंटवारे के मामले
वाणिज्यिक एवं व्यावसायिक विवाद
सेवा संबंधी विवाद
बेदखली से संबंधित मामले
भूमि अधिग्रहण से संबंधित मामले
श्रम कानून से संबंधित मामले
तथा अन्य उपयुक्त दीवानी एवं समझौता योग्य मामले शामिल हैं
श्री जितेंद्र सिंह ने
न्यायालयों में लंबित उपयुक्त मामलों के पक्षकारों से अपील की है कि वे “राष्ट्र के लिए मध्यस्थता 3.0” अभियान का लाभ उठाएं और अपने विवादों को आपसी सहमति से समाप्त करने के लिए मध्यस्थता का विकल्प अपनाएं। मध्यस्थता प्रक्रिया में पक्षकारों को अपने विवाद के समाधान में सक्रिय रूप से भाग लेने का अवसर मिलता है तथा समाधान उनकी आपसी सहमति के आधार पर किया जाता है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिन व्यक्तियों का मामला माननीय उच्च न्यायालय अथवा किसी जिला न्यायालय में लंबित है और जो व्यक्ति, परिवार, व्यवसाय या संपत्ति से संबंधित विवाद में पक्षकार हैं, वे मध्यस्थता के माध्यम से विवाद के समाधान हेतु पहल कर सकते हैं।
अधिक जानकारी के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, फरीदाबाद के कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है।
