सद्भावना दिवस अग्रवाल कालेज ने किया निबंध लेखन प्रतियोगिता का आयोजन

फरीदाबाद। अग्रवाल कॉलेज बल्लभगढ़ की एनएसएस इकाइयों 1, 2 एवं 3 द्वारा सद्भावना दिवस के अवसर पर निबंध लेखन प्रतियोगिता का आयोजन कक्ष संख्या 204, विंग-1, अग्रवाल कॉलेज बल्लभगढ़ में सुबह 11 बजे से किया गया। इस गतिविधि का उद्देश्य विद्यार्थियों में एकता, शांति, सद्भाव, भाईचारे एवं सामाजिक उत्तरदायित्व जैसे मूल्यों को बढ़ावा देना तथा युवा मन को एक मजबूत, समावेशी एवं प्रगतिशील राष्ट्र के निर्माण में उनकी भूमिका पर विचार करने के लिए प्रेरित करना था। प्रतियोगिता का केंद्रीय विषय सद्भावना के माध्यम से सशक्त भारत—एकता, शांति और भाईचारे की ओर था।

विद्यार्थियों को तीन उप-विषय दिए गए—विविधता में एकता: भारत की पहचान और हमारी जिम्मेदारी, शांति और सद्भावना: सशक्त समाज की मजबूत नींव, तथा युवा शक्ति और सद्भावना: विकसित भारत की ओर एक कदम। प्रतिभागियों ने विविधता के सम्मान, शांति बनाए रखने, आपसी समझ को बढ़ावा देने तथा समाज में भाईचारे की भावना को मजबूत करने के महत्व पर अपने विचार प्रस्तुत किए। इस गतिविधि ने विद्यार्थियों को अपनी रचनात्मकता, जागरूकता, तार्किक सोच एवं राष्ट्रीय एकता के मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता प्रदर्शित करने का सार्थक मंच प्रदान किया। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और समकालीन भारत में सद्भावना की प्रासंगिकता पर प्रभावशाली एवं विचारोत्तेजक विचार प्रस्तुत किए।

बी.कॉम के राजन ने प्रथम पुरस्कार, बी.बी.ए. की हंशिका ने द्वितीय पुरस्कार, बी.कॉम की वंशिका डाबर ने तृतीय पुरस्कार प्राप्त किया, जबकि बी.बी.ए. की काजल एवं नीतू को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किया गया। विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों ने विषय की गहरी समझ तथा सामाजिक सद्भाव और राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देने में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका को प्रदर्शित किया। कार्यक्रम का सफल आयोजन डॉ. सी. एस. वशिष्ठ, कार्यवाहक प्राचार्य के मार्गदर्शन एवं सहयोग से किया गया। कार्यक्रम का समन्वय डॉ. प्रियंका सहरावत, कार्यक्रम अधिकारी, एनएसएस इकाई-2; डॉ. दीपमाला धनकर, कार्यक्रम अधिकारी, एनएसएस इकाई-3; तथा सुश्री पूनम शर्मा, कार्यक्रम अधिकारी, हृस्स् इकाई-ढ्ढ द्वारा किया गया। इस गतिविधि ने विद्यार्थियों को शांति, एकता, भाईचारे एवं पारस्परिक सम्मान के मूल्यों को अपनाने तथा एक सामंजस्यपूर्ण, समावेशी एवं विकसित भारत के निर्माण में अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित किया।

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