डीपीएस ग्रेटर फरीदाबाद की टीम ‘पहरा’ बनी राष्ट्रीय विजेता

 रेलवे ट्रैकमैन की सुरक्षा के लिए विकसित किया अभिनव स्टार्टअप

फरीदाबाद। डीपीएस ग्रेटर फरीदाबाद के छात्रों ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का परचम लहराते हुए एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। विद्यालय की टीम ‘पहरा’ ने अटल इनोवेशन मिशन (्रढ्ढरू), नीति आयोग और ला फाउंडेशन डसॉल्ट सिस्टम्स इंडिया के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित प्रतिष्ठित ‘सीड द फ्यूचर एंटरप्रेन्योर्स प्रोग्राम 2025-26’ में राष्ट्रीय विजेता बनने का गौरव प्राप्त किया है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर  डीपीएस सोसाइटी की कोषाध्यक्ष व स्कूल की चेयर पर्सन नमिता प्रधान ने कहा कि डीपीएस ग्रेटर फरीदाबाद की टीम ‘पहरा’ की यह उपलब्धि न केवल विद्यालय बल्कि पूरे फरीदाबाद के लिए गर्व का विषय है और यह दर्शाती है कि सही मार्गदर्शन, समर्पण और नवाचार की भावना से युवा पीढ़ी समाज में बड़ा बदलाव ला सकती है।

विद्यालय के प्रो वीसी रोहित जैनेंद्र जैन व प्राचार्य डॉ. बिंदु शर्मा ने टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता नवाचार, दृढ़ संकल्प और सामूहिक प्रयास का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों ने यह सिद्ध कर दिया है कि उम्र कभी भी वास्तविक समस्याओं के समाधान खोजने में बाधा नहीं बनती। उनकी उपलब्धि देशभर के युवाओं को बड़े सपने देखने, जिम्मेदारी के साथ नवाचार करने और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए प्रेरित करेगी। पुणे स्थित डसॉल्ट सिस्टम्स फाउंडेशन मुख्यालय में आयोजित ग्रैंड फिनाले में देशभर के 210 स्कूलों में से चयनित शीर्ष 10 स्टार्टअप टीमों ने भाग लिया। प्रतियोगिता के अंतिम चरण में छात्रों ने अपने नवाचारों का प्रदर्शन करते हुए उद्योग जगत के विशेषज्ञों के समक्ष अपने बिजनेस मॉडल प्रस्तुत किए।

डीपीएस ग्रेटर फरीदाबाद की ओर से ‘पहरा’ स्टार्टअप का प्रतिनिधित्व गोकर्ण सूरी, जिनिशा जैन, समर्थ अग्रवाल, आदर्श राज, अन्या अग्रवाल और सीरत चड्ढा ने किया। यह स्टार्टअप रेलवे ट्रैकमैन की सुरक्षा और उनके कल्याण को ध्यान में रखते हुए विकसित किया गया है। टीम को विद्यालय की इनोवेशन हेड गीतिका मेहता के मार्गदर्शन में तैयार किया गया, जबकि अटल इनोवेशन मिशन के रीजनल मेंटर ऑफ चेंज पंकज दुबे ने भी टीम को महत्वपूर्ण रणनीतिक सहयोग प्रदान किया।प्रतियोगिता में प्रतिभागियों का मूल्यांकन नवाचार, उत्पाद डिजाइन, व्यावसायिक व्यवहार्यता, सामाजिक प्रभाव और उद्यमशीलता क्षमता के आधार पर किया गया। कठोर मूल्यांकन प्रक्रिया के बाद टीम ‘पहरा’ को राष्ट्रीय विजेता घोषित किया गया। इस उपलब्धि को और भी विशेष बनाते हुए मुंबई में फ्रांस के महावाणिज्य दूत पैट्रिक लेवेरिनो ने विजेता टीम को सम्मानित किया।

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