झूठे साक्ष्य गढ़ने या किसी निर्दोष को दुर्भावनापूर्ण तरीके से फंसाने की कोशिश करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा -नीतीश अग्रवाल ,एसपी पलवल
पुलिस अधीक्षक नीतीश अग्रवाल (IPS) के कुशल मार्गदर्शन एवं निर्देशन में कार्रवाई करते हुए थाना गदपुरी के अंतर्गत चौकी धतीर पुलिस ने एक ऐसे शातिर आपराधिक षड्यंत्र का पर्दाफाश किया है, जिसमें विपक्षी पार्टी को हत्या के प्रयास (धारा 307 IPC/109 BNS) के झूठे मामले में फंसाने के लिए एक व्यक्ति ने ओटी टेक्नीशियन से अपनी ही छाती पर जानलेवा चीरा लगवाया था। थाना गदपुरी प्रभारी उप निरीक्षक कुलदीप सिंह पुलिस टीम ने इस मामले में तत्परता से कार्रवाई करते हुए षड्यंत्र के आरोपी ओटी टेक्नीशियन को गिरफ्तार कर लिया है।
मामले का संक्षिप्त विवरण:
थाना गदपुरी प्रभारी उप निरीक्षक कुलदीप सिंह के अनुसार गत 14 अप्रैल 2026 को सविता देवी (निवासी राजुपुर बांगर) की शिकायत पर जमीन के कब्जे और झगड़े को लेकर एक मुकदमा दर्ज किया गया था। शिकायत में आरोप था कि विपक्षी पक्ष ने सविता देवी के ससुर ज्ञान सिंह को चाकू मारकर घायल कर दिया है। इसके समर्थन में एक मेडिकल रिपोर्ट (MLR) भी पेश की गई थी, जिसमें ज्ञान सिंह की छाती पर धारदार हथियार की चोट दर्शाई गई थी।
पुलिस अनुसंधान और तकनीकी जांच में हुआ खुलासा:
पुलिस अधीक्षक महोदय द्वारा दिए गए कड़े निर्देशों के तहत, चौकी धतीर के प्रधान सिपाही अमित कुमार द्वारा जब मामले की गहनता से वैज्ञानिक एवं तकनीकी जांच की गई, तो पुलिस के हाथ कई अहम सबूत लगे:
CCTV और वीडियो फुटेज: घटनास्थल और आसपास के गांव (किशोरपुर) से मिले वीडियो और सीसीटीवी फुटेज की जांच से पता चला कि झगड़े के समय दोनों पक्ष एक-दूसरे से काफी दूर थे और पत्थरबाजी हो रही थी। वीडियो में ज्ञान सिंह के साथ केवल थप्पड़-मुक्का होना पाया गया, कहीं भी चाकू मारने की घटना नहीं दिखी। इसके बाद ज्ञान सिंह आराम से ट्रैक्टर चलाता हुआ भी दिखाई दिया।
मेडिकल ओपिनियन: डॉक्टरों से ली गई राय और खुफिया तफ्तीश में भी ज्ञान सिंह की चोट बेहद संदिग्ध पाई गई।
साजिश का पर्दाफाश और गिरफ्तारी:
गुप्त सूत्रों और गहन पूछताछ से यह सच सामने आया कि ज्ञान सिंह वगैरा के खिलाफ दूसरी तरफ से गोली चलने की एक शिकायत थी। खुद को बचाने और विरोधी पक्ष पर दबाव बनाने के लिए ज्ञान सिंह ने एक सोची-समझी साजिश रची।
ज्ञान सिंह ने ललित कुमार निवासी प्रहलादपुर, नई दिल्ली हाल NIT 5 फरीदाबाद जो कि एक *ओटी टेक्नीशियन * है, के साथ मिलीभगत की। ज्ञान सिंह ने ललित कुमार के घर जाकर, पैसे के लेन-देन के एवज में अपनी ही छाती पर सर्जिकल ब्लेड से चीरा लगवाया। यह चीरा इतना खतरनाक था कि इससे ज्ञान सिंह की जान भी जा सकती थी। इस झूठे साक्ष्य के आधार पर पुलिस को गुमराह करने और निर्दोषों को फंसाने का प्रयास किया गया था।
आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई:
दिनांक 10 जून को पुलिस ने इस संबंध में सभी सुसंगत धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। पुलिस अधीक्षक श्री नीतीश अग्रवाल के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई कर आरोपी ओटी टेक्नीशियन ललित कुमार को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की। आरोपी ने वारदात में इस्तेमाल ब्लेड को डस्टबिन में फेंकने और इस काम के लिए ली गई रकम को खुर्द-बुर्द करने की बात कबूल की है।
आरोपी ललित कुमार को माननीय अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। मामले से जुड़े अन्य आरोपियों की भूमिका की भी गहनता से जांच की जा रही है।
*पुलिस अधीक्षक पलवल का संदेश:* कानून को गुमराह करने, झूठे साक्ष्य गढ़ने या किसी निर्दोष को दुर्भावनापूर्ण तरीके से फंसाने की कोशिश करने वालों के खिलाफ पलवल पुलिस सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाएगी। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
