‘स्वच्छ जलवायु अभियान’ के तहत ग्रामीण जोहड़ों को किया जाएगा कचरा मुक्त
फरीदाबाद। स्वच्छ गांव, स्वच्छ जलवायु अभियान के तहत ग्रामीण क्षेत्र के जोहड़ों को अब कचरा मुक्त बनाया जाएगा। ताकि भूजल प्रदूर्षित न हो और स्वच्छ जल संरक्षण किया जा सके। गांव में वर्षा और नालियों के पानी को संरक्षण करने के लिए सबसे बड़ा साधन जोहड़ हैं। इन जोहड़ों में अब कुछ ग्रामीण कचरा डालते हैं। इस कचरा के कारण जोहड़ों का पानी दूषित होता है। इसका प्रभाव भूजल स्तर पर पड़ता है। भूजल दूषित न हो इसे लेकर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अब तक सिर्फ शहरों तक ध्यान रखता था। पहली बार प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने ग्रामीण क्षेत्र में जोहड़ों की तरफ पंचायतों को खास ध्यान देने के लिए दिशा-निर्देश दिए हैं। इसके लिए खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी को खंड स्तर पर नोडल अधिकारी बनाया गया है।
वहीं गांव के स्तर पर इस अभियान के नोडल अधिकारी संबंधित गांव के पंचायत सचिव, सरपंच और वार्ड पंच को भी बनाया है। इस अभियान को सफल बनाने के लिए पंचायत चाहे तो जोहड़ों के चारों तरफ जाली लगवा सकती है ताकि कोई भी कचरा न डाल सके। यदि किसी पंचायत के पास अच्छा अनुदान है तो वह चारदीवारी भी करा सकती है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अभियान के समाप्त होने के बाद गांवों में जोहड़ों का निरीक्षण करेगा। यदि जोहड़ में कचरा पड़ा हुआ मिला तो पंचायत पर भी जुर्माना लगा सकता है। इस अभियान के तहत 500 से पांच हजार रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकता है। इसे लेकर एक वर्ष तक ग्रामीणों को जागरूक किया जाएगा। हर घर से कचरा उठाया जाएगा। कचरा उठाने के लिए पंचायत किसी भी एजेंसी से समझौता कर सकती है।
चाहे तो पंचायत खुद भी हर घर से कचरा उठवा सकती है। ग्रामीणों का कहना है कि ज्यादातर गांवों में जोहड़ में कचरा डाला जा रहा है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने इस मामले में दिशा-निर्देश देकर एक अच्छी शुरुआत की है। जोहड़ों में कचरा नहीं डाला जाएगा तो भूजल भी प्रदूषित नहीं होगा। लोगों को पीने के लिए स्वच्छ पानी मिलेगा। जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी शिखा का कहना है कि जोहड़ों को कचरा मुक्त बनाने के अभियान को लेकर अभी तक सरकार की तरफ से गाइड लाइन आने वाली हैं। इसके बाद इन दिशा-निर्देशों को पूरी तरह से लागू कर दिया जाएगा। जोहड़ों को लेकर ग्रामीणों में जागरूकता अभियान अप्रैल-2026 से लेकर अप्रैल-2027 तक चलाया जा रहा है। ग्राम सभा की बैठकों में पंचायत अपने एमओयू पर हस्ताक्षर कर रही हैं।
