यथार्थ हॉस्पिटल में हुई एशिया की पहली स्कॉरलेस एंडोस्कोपिक ट्यूमर रिमूवल सर्जरी
फरीदाबाद। एडवांस गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल केयर के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए, यथार्थ सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल सेक्टर-88, फरीदाबाद के डॉक्टरों ने एशिया में पहली बार एक अनोखी एंडोस्कोपिक सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है। यह उपलब्धि मिनिमली इनवेसिव ट्रीटमेंट के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है। मेडिकल टीम ने अत्याधुनिक एंडोस्कोपिक सिस्टम की मदद से ‘स्कारलेस’ यानी बिना किसी बाहरी निशान के ट्यूमर को हटाने की यह क्रांतिकारी प्रक्रिया पूरी की, जिसने प्रिसिशन, सुरक्षा और पेशेंट रिकवरी के नए मानक स्थापित किए हैं। इस प्रक्रिया में एक फुल-थिकनेस प्लिकेशन डिवाइस का उपयोग किया गया, जिसे मुंह के रास्ते पेट के अंदर पहुंचाया गया, जिससे किसी भी बाहरी चीरे की आवश्यकता नहीं पड़ी। मरीज के पेट के शुरुआती हिस्से में ट्यूमर था, जिसे पारंपरिक गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल सर्जरी के लिए अत्यंत कॉम्प्लेक्स और तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण क्षेत्र माना जाता है।
इस इनोवेटिव एंडोस्कोपिक तकनीक को अपनाकर मेडिकल टीम ने ओपन या लैप्रोस्कोपिक सर्जरी से बचाव किया, जिससे कॉम्प्लीकेशन्स का जोखिम काफी कम हुआ और मरीज की रिकवरी अधिक तेज और सहज रही। मामले के बारे में जानकारी देते हुए यथार्थ सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल सेक्टर-88, फरीदाबाद के गैस्ट्रोएंटरोलॉजी एवं हेपेटोलॉजी विभाग के कंसल्टेंट डॉ. ध्रुव कांत मिश्रा ने कहा, यह एक बेहद चुनौतीपूर्ण मामला था, जिसमें पेट की दीवार के अंदर मौजूद ट्यूमर को अत्यंत सटीक तरीके से हटाने की आवश्यकता थी। हमने एंडोस्कोपिक फुल थिकनेस रिसेक्शन किया, जिसमें पेट से पूरे लीजन को हटाया जाता है और उसके बाद डिवाइस की मदद से उस हिस्से को बंद किया जाता है।
इस उपलब्धि को वास्तव में ऐतिहासिक बनाता है यह तथ्य कि अब तक इस तरह की प्रक्रियाएं केवल यूरोप में ही रिपोर्ट की गई थीं और यह न केवल भारत बल्कि पूरे एशिया और दुनिया में इस प्रकार का पहला मामला है। यह हमारे देश और पूरे एशिया के लिए एंडोस्कोपिक इनोवेशन में एक बड़ी छलांग का प्रतिनिधित्व करता है। पूरी सर्जरी मरीज के मुंह के रास्ते एंडोस्कोपिक तकनीक से की गई, जिससे शरीर पर किसी भी प्रकार का बाहरी निशान नहीं रहा और मरीज को बेहद कम तकलीफ हुई। मरीज की रिकवरी उत्कृष्ट रही और प्रक्रिया के 24 घंटे के भीतर उन्हें स्थिर स्थिति में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। यथार्थ सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल सेक्टर-88, फरीदाबाद के फैसिलिटी डायरेक्टर परमिंदर सिंह ने कहा कि इस ऐतिहासिक उपलब्धि का हिस्सा बनना भारत में विश्वस्तरीय और अत्याधुनिक हेल्थकेयर सॉल्यूशंस उपलब्ध कराने के प्रति यथार्थ सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल की अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
