यथार्थ सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल सेक्टर-20 फरीदाबाद में युवा महिला का रोबोटिक स्कार-फ्री थायरॉइड कैंसर ऑपरेशन सफल
फरीदाबाद: यथार्थ सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, सेक्टर-20, फरीदाबाद के डॉक्टरों ने एक युवा महिला मरीज का कॉम्प्लेक्स रोबोटिक थायरॉइड कैंसर ऑपरेशन स्कार-फ्री तकनीक से सफलतापूर्वक किया। मरीज को पैपिलरी थायरॉइड कार्सिनोमा का निदान हुआ था। इस अत्याधुनिक रोबोटिक प्रक्रिया के माध्यम से डॉक्टरों ने ट्यूमर को पूरी तरह निकाल दिया और खास बात यह रही कि सर्जरी के बाद मरीज की गर्दन पर कोई भी दिखाई देने वाला निशान नहीं रहा।
मरीज ने शुरुआत में गर्दन में सूजन की शिकायत के साथ अस्पताल में संपर्क किया था। इसके बाद डॉक्टरों ने क्लिनिकल एग्जामिनेशन, अल्ट्रासाउंड इमेजिंग और बायोप्सी के जरिए विस्तृत जांच की। रिपोर्ट में पैपिलरी कार्सिनोमा ऑफ थायरॉइड की पुष्टि हुई, जो थायरॉइड कैंसर का सबसे आम प्रकार है और खासतौर पर युवा महिलाओं में अधिक देखा जाता है। हालांकि थायरॉइड कैंसर का समय पर इलाज होने पर इसका प्रोग्नोसिस काफी अच्छा होता है, लेकिन पारंपरिक सर्जरी में अक्सर गर्दन के सामने स्पष्ट निशान रह जाता है, जो विशेष रूप से युवा मरीजों के लिए मानसिक और भावनात्मक रूप से परेशान करने वाला हो सकता है।
यथार्थ सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, सेक्टर-20, फरीदाबाद के ईएनटी विभाग के रीजनल डायरेक्टर, डॉ. आनंद गुप्ता ने कहा, “मरीज की गर्दन पर दिखाई देने वाले निशान को लेकर चिंता को समझते हुए हमने उन्हें मिनिमली इनवेसिव रोबोटिक अप्रोच की सलाह दी। विस्तृत काउंसलिंग और प्री-ऑपरेटिव प्लानिंग के बाद हमने बाई-एक्सिलरी बाई-ब्रैस्ट एप्रोच (BABA) के जरिए रोबोटिक थायरॉयडेक्टॉमी की। इस एडवांस तकनीक की मदद से अंडरआर्म और ब्रेस्ट क्षेत्र में छोटे-छोटे चीरे लगाकर थायरॉइड ग्लैंड तक पहुंच बनाई जाती है, जिससे गर्दन पर कोई भी चीरा लगाने की जरूरत नहीं पड़ती।”
डॉ. आनंद ने आगे बताया, “यह सर्जरी अत्याधुनिक रोबोटिक तकनीक से की गई, जिसमें हाई-डेफिनिशन 3D विज़ुअलाइजेशन और रोबोटिक इंस्ट्रूमेंट्स की बेहतर प्रिसिशन मिलती है। इससे हमें बेहद सावधानी के साथ टिश्यू को अलग करने में मदद मिली और महत्वपूर्ण संरचनाओं जैसे रिकरेंट लेरिंजियल नर्व और पैराथायरॉइड ग्लैंड्स को सुरक्षित रखा जा सका। इससे मरीज की आवाज और कैल्शियम संतुलन जैसी महत्वपूर्ण शारीरिक कार्यप्रणालियों को सुरक्षित रखते हुए बेहतर सर्जिकल परिणाम सुनिश्चित किए गए।”
डॉक्टरों की टीम ने ट्यूमर को पूरी तरह सफलतापूर्वक निकाल दिया और सर्जरी के दौरान कोई कॉम्प्लीकेशन्स नहीं आई। ऑपरेशन के बाद मरीज की रिकवरी भी बेहद सुचारु रही। खास बात यह रही कि सर्जरी के मात्र दूसरे दिन ही मरीज को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। यह मिनिमली इनवेसिव रोबोटिक तकनीक के फायदों को दर्शाता है, जिसमें कम दर्द, तेज रिकवरी, अस्पताल में कम समय तक भर्ती रहने की जरूरत और बेहतर कॉस्मेटिक परिणाम मिलते हैं।
पैपिलरी थायरॉइड कैंसर का यदि समय पर निदान और सही इलाज हो जाए तो इसका सर्वाइवल रेट काफी अधिक होता है। कैंसर के इलाज में रोबोटिक सर्जरी के बढ़ते उपयोग के साथ यथार्थ हॉस्पिटल जैसे संस्थान इलाज के नए मानक स्थापित कर रहे हैं, जहां मरीजों को केवल बीमारी से मुक्ति ही नहीं बल्कि बेहतर जीवन गुणवत्ता पर भी समान रूप से ध्यान दिया जाता है।
यह सफल सर्जरी यथार्थ हॉस्पिटल की अत्याधुनिक तकनीक अपनाने और फरीदाबाद में विश्वस्तरीय कैंसर उपचार उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। क्षेत्र में रोबोटिक-असिस्टेड थायरॉइड सर्जरी की उपलब्धता एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जिससे अब मरीजों को प्रभावी कैंसर उपचार और बेहतर कॉस्मेटिक परिणामों के बीच किसी एक को चुनने की मजबूरी नहीं रहेगी। अस्पताल अपने मिनिमली इनवेसिव और रोबोटिक सर्जरी कार्यक्रमों का लगातार विस्तार कर रहा है, जिससे हरियाणा और आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को बेहतर इलाज और नई उम्मीद मिल रही है।
