39वें सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प महोत्सव में लोक कलाकारों ने राजस्थान के गायन, नृत्य और पारंपरिक लोककला से करवाया रूबरू

सूरजकुंड (फरीदाबाद) । 39वें सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प महोत्सव-2026 के अंतर्गत मेले की मुख्य चौपाल पर हर शाम सांस्कृतिक संध्या कार्यक्रमों के आयोजनों से पर्यटकों और शिल्पकारों का मनोरंजन किया जा रहा है।
इसी कड़ी में बुधवार की संध्या मेला परिसर में राजस्थानी लोक कलाकारों के नाम रही। इन कलाकारों ने नृत्य, गायन और राजस्थान की पारंपरिक लोककला से पर्यटकों को रूबरू करवाय
 हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व और पर्यटन मंत्री डा. अरविंद कुमार शर्मा की देखरेख में सूरजकुंड मेला का भव्य आयोजन किया जा रहा है। यह मेला जहां शिल्पकारों के हुनर से पर्यटकों को परिचित करवा रहा है। वहीं दूसरी ओर देश और विदेश की लोक कलाओं से प्रसिद्ध कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से जोड़ा जा रहा है।
मुख्य चौपाल पर आयोजित सांस्कृतिक संध्या में राजस्थान की सांस्कृतिक परंपरा को रूबरू करवाते खड़ताल वादन एवं गायन, चड़ी नृत्य, घूमर नृत्य और मयूर एवं फूलों की होली आदि की प्रस्तुतियों से प्रसिद्ध कलाकारों ने दर्शकों का खूब मनोरंजन किया और राजस्थानी परंपरा से जोड़े रखा।
पद्मश्री गुलाबो सपेरा, गफरूद्दीन मेवाती, मगडाखान, अरूशिका, हरी शंकर, विष्णु शर्मा और खेमेंद्र सिंह कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से देर सायं तक दर्शकों को मंत्र मुग्ध किए रखा। इस अवसर पर काफी संख्या में पर्यटक मौजूद रहे।
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