रात 10 बजे के बाद ‘क्राइम जोन’ बन जाता है ओल्ड फरीदाबाद स्टेशन परिसर : हरीश आजाद

फरीदाबाद। 262 करोड़ के बजट वाली ‘विश्व स्तरीय’ स्टेशन की फाइलें तो दफ्तरों में चमक रही हैं, लेकिन हकीकत में ओल्ड फरीदाबाद रेलवे स्टेशन रात होते ही ‘नरक’ में तब्दील हो जाता है। सूरज ढलते ही यहाँ विकास के दावों की लाइटें गुल हो जाती हैं और पूरा परिसर शराबियों व अपराधियों की शरणस्थली बन जाता है। समाजसेवी हरीश चन्द्र आजाद ने प्रशासन की गहरी नींद पर सवाल उठाते हुए कहा है कि स्टेशन के मुख्य द्वार बंद कर यात्रियों को अंधेरी गलियों और नशेड़ियों के बीच मरने के लिए छोड़ दिया गया है। आलम यह है कि 27 महीने बीतने के बाद भी प्रोजेक्ट अधूरा है और प्रशासन शायद किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रहा है।

स्टेशन का मुख्य द्वार बंद होने से यात्री हो रहे परेशान
हरीश आजाद ने अपना दर्दनाक अनुभव साझा करते हुए बताया कि शनिवार रात 2 बजे जब वे अपने परिवार की बेटी को लेने स्टेशन पहुंचे, तो मुख्य द्वार गाड़ियों के लिए बंद मिला। मजबूरी में उन्हें ओल्ड फरीदाबाद वाले दूसरे रास्ते से जाना पड़ा, जहां पूरी तरह सन्नाटा और गहरा अंधेरा पसरा था। ट्रकों की अवैध पार्किंग और ऑटो के जमावड़े ने रास्ते को पूरी तरह ब्लॉक कर रखा था। आजाद ने बताया कि मैं खुद वहां दो घंटे खौफ के साये में खड़ा रहा, जहां दो छोटी-छोटी बेटियां भी असुरक्षित माहौल में बुरी तरह परेशान खड़ी थीं और आसपास शराबी घूम रहे थे।

स्टेशन पर शराबियों का कब्जा, सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं
आजाद ने शासन-प्रशासन की लापरवाही पर रोष जताते हुए कहा कि रात के समय स्टेशन के बाहर यात्रियों, खासकर महिलाओं की सुरक्षा के लिए कोई पुलिस बल मौजूद नहीं रहता। मुख्य द्वार बंद होने और सड़कों पर लाइट न होने से अपराधी तत्वों के हौसले बुलंद हैं। उन्होंने कहा कि वैकल्पिक व्यवस्था के नाम पर केवल औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। यात्रियों के बैठने की समुचित व्यवस्था नहीं है, पीने का पानी नदारद है और बुजुर्गों के लिए स्वचालित सीढ़ियां तक बंद पड़ी हैं।

अंधेरा और अवैध कब्जे से बढ़ रहा अपराध का खतरा
विकास कार्यों की पोल खोलते हुए आजाद ने कहा कि 6 अगस्त 2023 को जिस 262 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट का शुभारंभ हुआ था, उसकी अवधि 30 अगस्त 2025 तक है। 27 महीने बीत जाने के बाद भी अभी आधा काम भी नहीं हुआ है। अधिकारियों की अनदेखी के कारण करोड़ों का प्रोजेक्ट कछुआ चाल की भेंट चढ़ गया है। आजाद ने मांग की है कि ओल्ड फरीदाबाद द्वार से मथुरा रोड तक अतिक्रमण हटाया जाए, सड़क के दोनों तरफ लाइटें लगाई जाएं और स्टेशन के बाहर पूरी रात पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की जाए।

You might also like
Leave A Reply

Your email address will not be published.