20 साल बाद महिला के शरीर से निकली बंदूक की गोली, हर कोई हैरान

फरीदाबाद। फरीदाबाद में डबुआ कॉलोनी में रहने वाली एक महिला 20 साल तक अपने कमर के नीचले हिस्से में बंदूक की एक गोली लेकर घूमती रही। उसको किसी भी दर्द का अहसास नहीं हुआ। कुछ दिन पहले महिला के कमर के नीचले हिस्से में एक फोड़ा हुआ। फोड़ा धीरे-धीरे पक गया। वहीं, पास में रहने वाली बुजुर्ग महिला की सलाह पर फोड़े वाले हिस्से पर लेप लगाया गया। इसके बाद फोड़े के अंदर एक नुकीली चीज दिखी। इसको महिला ने खुद ही खींच कर निकाल दिया, जिसके बाद सब हैरान हो गए, क्योंकि वह नुकीली चीज बंदूक की गोली थी। डबुआ कॉलोनी में रहने वाली कविता के चार बच्चे हैं। उसका पति ड्राइवर का काम करता है। कविता के अनुसार, उसको कभी अहसास नहीं हुआ कि उसके कमर के नीचले हिस्से में गोली लगी है। मानेसर की रहने वाली कविता का कहना है कि स्कूल में पेपर देते समय उसको कमर के नीचले हिस्से में काफी दर्द का अहसास तब हुआ था, जब वह 12 साल की थी।

उसने बताया कि दर्द होने पर देखा कि कमर के नीचले हिस्से से खून निकल रहा है। उसको लगा कि किसी ने पत्थर मारा है। शिक्षक ने भी उसको घर जाकर आराम करने के लिए कहा। घर आकर डॉक्टर की सलाह पर दवाई ले ली और धीरे-धीरे जख्म ठीक हो गया। कविता के अनुसार, उनके स्कूल के पास आर्मी का एक ट्रेनिंग कैंप था। शायद यह गोली वहीं से लगी थी। पिछले 20 साल से उसे किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं हुई। कविता के पति प्रदीप के अनुसार, शादी के बाद भी उनकी पत्नी को किसी तरह की परेशानी नहीं हुई। अब उन्हें खुशी इस बात की है कि कविता के शरीर में लगी हुई गोली निकल गई है। बादशाह खान सिविल अस्पताल के न्यूरो सर्जन डॉ. उपेंद्र भारद्वाज ने बताया कि ऐसा होना संभव है, क्योंकि बुलेट एक मैटेलिक आब्जेक्ट है। जब गोली निकलती है, तो उसमें कोई जहर नहीं होता, वह बस एक गरम लोहे का टुकड़ा होती है। कई बार, गोली शरीर के हड्डी वाले हिस्से में फंस जाती है। ऐसा गोली की रफ्तार कम होने पर होता है।

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