सतयुग दर्शन संगीत कला केंद्र में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ “स्किल एवं वैल्यू डेवलपमेंट समर कैंप “
फरीदाबाद। सतयुग दर्शन संगीत कला केंद्र में बच्चों के सर्वांगीण विकास के उद्देश्य से आयोजित “स्किल एवं वैल्यू डेवलपमेंट समर कैंप” का समापन उत्साह एवं प्रेरणादायक वातावरण में हुआ। यह कैंप 25 मई से प्रारंभ किया गया। इस विशेष कैंप में बच्चों को केवल कलात्मक एवं रचनात्मक कौशल ही नहीं, बल्कि जीवन मूल्यों, नैतिक शिक्षा एवं व्यक्तित्व विकास से संबंधित महत्वपूर्ण शिक्षाएं भी प्रदान की गईं।
कैंप के दौरान विभिन्न क्षेत्रों के प्रशिक्षित एवं अनुभवी शिक्षकों द्वारा बच्चों को संगीत, नृत्य, कला, व्यक्तित्व विकास, नैतिक मूल्यों तथा जीवनोपयोगी कौशलों का प्रशिक्षण दिया गया। समय-समय पर सतयुग दर्शन संगीत कला केंद्र के प्रधानाचार्य श्री दीपेंद्र कांत द्वारा बच्चों को जीवन मूल्यों, अनुशासन, सदाचार तथा आदर्श नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया गया।
समर कैंप की एक विशेष उपलब्धि यह रही कि बच्चों को सतयुग दर्शन परिसर स्थित ध्यान कक्ष में आयोजित विशेष सत्रों के माध्यम से आत्मदर्शन, आत्मचेतना एवं सच्चा मानव बनने की प्रेरणा दी गई। इन सत्रों ने बच्चों के मन में सकारात्मक सोच, आत्मविश्वास तथा मानवीय मूल्यों के प्रति जागरूकता विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
समापन समारोह के अवसर पर बच्चों ने पूरे कैंप के दौरान सीखी गई विभिन्न विधाओं की आकर्षक प्रस्तुतियां दीं। संगीत, नृत्य एवं अन्य रचनात्मक गतिविधियों में बच्चों के उत्कृष्ट प्रदर्शन ने उपस्थित अभिभावकों एवं अतिथियों को अत्यंत प्रभावित किया। अभिभावकों ने बच्चों में आए सकारात्मक परिवर्तन, आत्मविश्वास एवं प्रतिभा के विकास की सराहना करते हुए सतयुग दर्शन संगीत कला केंद्र के प्रयासों की भूरि-भूरि प्रशंसा की।
कैंप के अंतिम दिन बच्चों को सतयुग दर्शन ट्रस्ट के संस्थापक एवं प्रेरणास्रोत श्रद्धेय श्री सज्जन जी के आशीर्वाद का सौभाग्य प्राप्त हुआ। साथ ही सभी प्रतिभागियों को चेयरपर्सन श्रीमती अनुपमा तलवार जी द्वारा प्रमाण-पत्र प्रदान कर बच्चों को उत्साहित एवं सम्मान किया गया।
यह कैंप बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण, संस्कार विकास तथा रचनात्मक प्रतिभाओं को निखारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुआ। सतयुग दर्शन संगीत कला केंद्र भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से बच्चों के सर्वांगीण विकास हेतु निरंतर प्रयासरत रहेगा।
