अतिथियों ने किया छात्रों की नवीन परियोजनाओं का अवलोकन
फरीदाबाद। कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों द्वारा आचार्य जगदीश चंद्र बोस की प्रतिमा पर माल्यार्पण और छात्रों की नवीन परियोजनाओं के अवलोकन के साथ हुई। कुलगुरु प्रो. राजीव कुमार ने अपने संबोधन में अनुसंधान, नवाचार और कौशल विकास की प्रगति पर प्रकाश डाला तथा 600 छात्रों की क्षमता वाले बॉयज हॉस्टल, नए शैक्षणिक भवन, 500 सीटों वाले ऑडिटोरियम और नए प्रशासनिक ब्लॉक जैसी भावी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का उल्लेख किया। विशिष्ट अतिथि प्रेम मल्होत्रा ने 1969 के पहले बैच के दिनों को याद किया। मुख्य अतिथि प्रो. प्रगति कुमार ने संस्थान को देश के शीर्ष संस्थानों के समकक्ष बताते हुए आत्मनिर्भर मॉडल विकसित करने का सुझाव दिया। कार्यक्रम में विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी गईं।
उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए यह हुए सम्मानित
समारोह के दौरान अनुसंधान, नवाचार और उत्कृष्ट सेवाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले संकाय सदस्यों, शोधार्थियों और कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। इस कड़ी में केमिस्ट्री विभाग की शोधार्थी पारुल को उनकी उत्कृष्ट शोध उपलब्धि के लिए ‘यंग साइंटिस्ट अवॉर्ड-2026’ से नवाजा गया। इसके साथ ही, औद्योगिक अनुसंधान परियोजना अनुदान प्राप्त करने पर डॉ. दीपांश शर्मा और डॉ. आशिमा शर्मा को प्रशंसनीय पुरस्कार प्रदान किया गया।
विश्वविद्यालय के नाम से पेटेंट के रूप में डिजाइन पंजीकरण प्रमाणपत्र हासिल करने के लिए डॉ. शकुंतला और डॉ. नितिन गोयल को सम्मानित किया गया। वहीं, विश्व स्तरीय 2 प्रतिशत शीर्ष वैज्ञानिकों की रैंकिंग में स्थान पाने पर डॉ. दीपांश शर्मा और डॉ. योगेंद्र आर्य का विशेष अभिनंदन किया गया। इसके अतिरिक्त, वीसी ऑफिस में 25 वर्षों की निष्ठावान एवं समर्पित सेवाएं पूरी करने पर हेल्पर अटेंडेंट जंग बहादुर को भी सम्मानित किया गया।
स्पॉन्सर्ड रिसर्च प्रोजेक्ट्स प्राप्त करने वाले 11 संकाय सदस्य
डॉ. अनुराग प्रकाश सुंडा, डॉ. योगेंद्र आर्य, डॉ. अनुज कुमार, डॉ. नितिन पंवार, डॉ. राजेश कुमार अत्री, डॉ. आशिमा शर्मा, डॉ. दीपांश शर्मा, डॉ. काकोली दत्त, डॉ. साक्षी तिवारी, डॉ. मानवी और डॉ. शिल्पा सेठी को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के अंत में कुलसचिव प्रो. अजय रंगा ने सभी अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। इसमें सभी डीन, विभागाध्यक्ष, अधिकारी, एलुमनाई और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
