बरसात से बदहाल हुआ फरीदाबाद, पुराना खेड़ी पुल धंसा, रास्ता पूरी तरह बंद

फरीदाबाद।  फरीदाबाद में लगातार दो दिनों से हो रही बारिश ने जन जीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। सडक़ों पर जहां जलभराव की स्थिति बन गई है वहीं कई जगहों पर सडक़ें टूटने व धंसने भी लगी है। इसी कड़ी में बारिश के चलते पुराना खेड़ी पुल धंस गया। पुल का एक हिस्सा धंसने से वहां बड़ा गड्ढा बन गया है, जिसके बाद सुरक्षा के मद्देनजर इस मार्ग पर वाहनों और लोगों की आवाजाही पूरी तरह बंद कर दी गई है। लगातार बारिश के कारण पुल की सतह धंस गई, जिससे बीच सडक़ पर बड़ा गड्ढा बन गया। मौके की तस्वीरों में पुल का क्षतिग्रस्त हिस्सा साफ दिखाई दे रहा है। हादसे से बचाव के लिए प्रभावित हिस्से के आसपास बैरिकेडिंग कर रास्ता बंद कर दिया गया है। पुल के क्षतिग्रस्त होने के बाद प्रशासन ने एहतियात के तौर पर इस मार्ग से आवागमन बंद कर दिया है। इससे इस रास्ते का उपयोग करने वाले लोगों को फिलहाल दूसरे मार्गों का सहारा लेना पड़ रहा है। उधर लगातार बारिश के कारण एनआईटी के नंगला एंक्लेव में भी सडक़ पर बड़ा गड्ढा बन गया।

गुरुवार सुबह इस रास्ते से गुजर रहे दो किशोरों की बाइक का अगला पहिया गड्ढे में समा गया, जिससे दोनों हादसे का शिकार हो गए। घटना के बाद आसपास के लोगों ने उन्हें संभाला। यह हादसा बारिश के बाद सडक़ों की बदहाल स्थिति और बड़े गड्ढों से बढ़ रहे खतरे को उजागर करता है। गौरतलब है कि लगातार हो रही बरसात ने लोगों का जीना दुश्वार कर दिया है, आज सुबह शुरु हुई बरसात दोपहर तक जारी रही, जिसके चलते जन जीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया।

पढ़ाई छोड़ बाल्टी से पानी निकालने को मजबूर शिक्षक मानसून की पहली वर्षा में ही सरकारी स्कूलों की स्थिति खराब नजर आ रही है। कक्षा से लेकर परिसर, कंप्यूटर लैब और स्टाफ रूप में जलभराव हो गया है। जिससे कक्षाएं तो प्रभावित हो रही हैं, विद्यार्थियों और अध्यापकों को परेशानी भी झेलनी पड़ रही है। हालात यह हैं कि अध्यापक कक्षाओं में भरा वर्षा का पानी बाल्टी की सहायता से निकाल रहे हैं। बुधवार और गुरुवार को हुई वर्षा के कारण राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बुढ़ैना, राजकीय उच्च विद्यालय मच्छगर, राजकीय विद्यालय खेड़ी कला और लढोली में ज्यादा खराब स्थिति देखने को मिली है। अध्यापक अध्यापन का कार्य छोडक़र कक्षाओं से बाल्टी की सहायता से पानी निकाल रहे हैं। यह स्थिति सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को सभी सुविधाएं देने का दावा करने वाली सरकार और शिक्षा विभाग को आईना दिखा रही है।

अध्यापकों का आरोप है कि हर वर्ष मानसून स्कूलों में इसी प्रकार जलभराव हो जाता है। अध्यापकों ने बताया कि जिले के कई सरकारी स्कूल जर्जर और कंडम घोषित भवन में संचालित हो रहे हैं। लगातार हो रही वर्षा कारण छत भी टपक रही है। जर्जर भवन में हादसे का खतरा बना हुआ है। शिक्षा विभाग से कई बार भवन की मरम्मत की मांग की गई है लेकिन सुनवाई नहीं की जाती है। वहीं जिला शिक्षा अधिकारी डा. अंशु सिंगला का कहना है कि कुछ स्कूलों में जलभराव की स्थिति हो गई है। मुख्य अध्यापकों ने इसकी सूचना विभाग को दी है। नगर निगम से इसकी शिकायत की गई है स्कूलों में मशीन लगवाई जा रही हैं। जल्द स्थिति सामान्य हो जाएगी। जर्जर भवनों की पहचान की गई है, जरूरत अनुसार मरम्मत और निर्माण कार्य कराया जाएगा।

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