भाजपा सरकार में बिजली कर्मचारी आंदोलन के लिए हुए मजबूर : रोहित नागर

फरीदाबाद। तिगांव विधानसभा क्षेत्र के पूर्व कांग्रेस प्रत्याशी रोहित नागर ने हरियाणा में बिजली वितरण के निजीकरण और बिजली आपूर्ति संकट को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होनें बिजली कर्मचारियों की हड़ताल को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार की गलत नीतियों और हठधर्मिता का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। रोहित नागर ने कहा कि गुरुग्राम और नूंह में प्राईवेट कंपनी इलेवन पावर को बिजली वितरण का समानांतर लाइसेंस देने का फैसला हो जाता है और सरकार कहती है कि वह इसके खिलाफ अपील करेगी। आखिर सरकार बताए कि वह किसके खिलाफ अपील करेगी? जब उसकी अपनी नीतियों के तहत निजीकरण का रास्ता खुला है तो अब जिम्मेदारी से बचने का प्रयास क्यों किया जा रहा है? भाजपा सरकार को इस पूरे मामले में अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस बिजली जैसी आवश्यक सेवा को मुना

सरकार बताए कि निजीकरण से बिजली दरों, किसानों की रियायतों और गरीब उपभोक्ताओं के हितों की सुरक्षा कैसे होगी। वरिष्ठ कांग्रेस नेता रोहित नागर ने कहा कि बिजली जैसी मूलभूत सुविधा को लेकर प्रदेश की जनता को परेशानी का सामना करना पडऩा सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। भाजपा सरकार केवल बड़े-बड़े दावे करने में लगी है, जबकि जमीनी स्तर पर आम आदमी, किसान, व्यापारी और छोटे उद्योगों की समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि बिजली कर्मचारियों की समस्याओं को बातचीत और आपसी सहमति से सुलझाने के बजाय टकराव का रास्ता अपनाना किसी भी सरकार के हित में नहीं है। सरकार को कर्मचारियों की जायज मांगों को गंभीरता से सुनना चाहिए और जनहित को सर्वोपरि रखते हुए जल्द से जल्द समाधान निकालना चाहिए। रोहित नागर ने कहा कि बिजली आपूर्ति बाधित होने से घरेलू कामकाज से लेकर व्यापार, खेती और उद्योगों तक पर असर पड़ रहा है। बिना बिजली के लोगों का बुरा हॉल है लेकिन,ऐसे में सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि वह जनता को राहत दे, कर्मचारियों का विश्वास जीते और बिजली व्यवस्था को सुचारु बनाए।

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