फरीदाबाद में डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड का खुलासा, 2 ठग गिरफ्तार:परिवार को डराकर 2.13 करोड़ हड़पे
फरीदाबाद में डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर एक परिवार से 2.13 करोड़ रूपए ठगने के मामले में साइबर थाना बल्लभगढ़ पुलिस ने ड्राइवर और अकाउंटेंट को जीरकपुर से गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान गौतम (27) और मोहित (25), दोनों निवासी लुधियाना, पंजाब के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार, गौतम के खाते में ठगी के 65 हजार रुपए आए थे। उसने अपना बैंक खाता मोहित को दिया था और मोहित ने यह खाता आगे साइबर ठगों को उपलब्ध कराया।
गौतम ड्राइवर, मोहित कंपनी में अकाउंटेंट
पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि गौतम 11वीं पास है और ड्राइविंग का काम करता है। वहीं मोहित बीकॉम पास है और एक निजी कंपनी में अकाउंटेंट के पद पर काम करता है। दोनों को कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने गौतम को जेल भेज दिया, जबकि मोहित को 5 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
पुलिस के मुताबिक, 13 जनवरी 2026 को पीड़ित कारोबारी राकेश की पत्नी के मोबाइल पर फोन आया। कॉल करने वाले ने खुद को टेलीकॉम विभाग का अधिकारी बताया और कहा कि उनके आधार कार्ड से जुड़े बैंक खाते में 20 लाख रुपए की मनी लॉन्ड्रिंग हुई है। इसके बाद कॉल कथित मुंबई क्राइम ब्रांच के अधिकारियों से जोड़ दी गई।
ठगों ने पति-पत्नी को लगातार वीडियो कॉल पर रखा और घर से बाहर नहीं निकलने दिया। हर दो घंटे में उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जाती थी। आरोपियों ने खुद को अलग-अलग सरकारी एजेंसियों का अधिकारी बताकर गिरफ्तारी का डर दिखाया।
ठगों ने पीड़ित को ईडी के नाम से फर्जी गिरफ्तारी आदेश और सुप्रीम कोर्ट के नाम से फर्जी पत्र भेजे। इनमें बैंक खातों में जमा रकम को जांच के नाम पर बताए गए खातों में भेजने के निर्देश दिए गए। ठगों ने रकम 48 से 72 घंटे में वापस करने का झांसा भी दिया।
गिरफ्तारी के डर से पीड़ित ने जनवरी 2026 में अलग-अलग बैंक खातों में कुल 2.13 करोड़ रुपए ट्रांसफर कर दिए। बाद में रकम वापस मांगने पर ठगों के मोबाइल नंबर बंद मिले। इसके बाद पीड़ित ने साइबर थाना बल्लभगढ़ में शिकायत दर्ज कराई।
