फरीदाबाद में आशा वर्कर्स का प्रदर्शन:बोली- ऑनलाइन काम का दबाव बढ़ाया जा रहा
फरीदाबाद के सिविल अस्पताल प्रांगण में मंगलवार को जिले भर की आशा वर्कर्स ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। आशा वर्कर्स ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धरना दिया और अपनी समस्याओं को लेकर जिला सिविल सर्जन को ज्ञापन भी सौंपा।
प्रदर्शन के दौरान आशा वर्कर यूनियन की जिला सचिव सुधा ने कहा कि सरकार लगातार आशा वर्कर्स पर ऑनलाइन काम का दबाव बढ़ा रही है। उन्होंने बताया कि आशा वर्कर्स से कई तरह के ऑनलाइन कार्य कराए जा रहे हैं, जिससे उन पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। इसके साथ ही सरकार की ओर से उन्हें मिलने वाली 6100 रुपए की प्रोत्साहन राशि काटने की भी धमकी दी जा रही है, जिसे आशा वर्कर्स किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं करेंगी।
आशा वर्करों को नहीं मिल रहा हक : सुधा
सुधा ने कहा कि आशा वर्कर्स लंबे समय से स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने का काम कर रही हैं। कोरोना काल से लेकर अब तक आशा वर्कर्स ने अपनी जान जोखिम में डालकर लोगों की सेवा की है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें उचित वेतन और सुविधाएं नहीं मिल रही हैं।
उन्होंने कहा कि आज मजदूर वर्ग न्यूनतम वेतन की मांग को लेकर सड़कों पर उतरकर संघर्ष कर रहा है। ऐसे में आशा वर्कर्स का भी हक बनता है कि उन्हें सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम वेतन दिया जाए।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में आशा वर्कर्स को 6100 रुपए की प्रोत्साहन राशि मिलती है और अलग-अलग कार्यों के बदले कुछ इंसेंटिव भी दिया जाता है। इन सबको मिलाकर भी उनकी कुल आमदनी लगभग 10 से 12 हजार रुपए के बीच ही बन पाती है, जो आज की महंगाई के दौर में बेहद कम है।
सरकार कर रही इंसेंटिव में कटौती की तैयारी
आशा वर्कर्स का कहना है कि सरकार अब उनके इंसेंटिव पर भी नजर गड़ाए हुए है और उसमें कटौती करने की तैयारी की जा रही है। इससे आशा वर्कर्स की आर्थिक स्थिति और अधिक कमजोर हो जाएगी। उन्होंने मांग की कि सरकार आशा वर्कर्स को नियमित कर्मचारी का दर्जा दे और उन्हें न्यूनतम वेतन के साथ अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराए।
प्रदर्शन के बाद आशा वर्कर्स ने अपनी मांगों को लेकर जिला सिविल सर्जन के नाम ज्ञापन सौंपा और जल्द समाधान की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
9 मई को करेंगी स्वास्थ्य मंत्री के आवास का घेराव
आशा वर्कर यूनियन ने घोषणा की कि आने वाली 9 मई को हरियाणा प्रदेश की तमाम आशा वर्कर्स एकजुट होकर स्वास्थ्य मंत्री आरती राव के निवास का घेराव करेंगी और अपनी मांगों को लेकर बड़ा आंदोलन करेंगी। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
