राष्ट्रीय अंगदान दिवस पर मानवता, पर्यावरण एवं सेवा का संगम
फरीदाबाद / राष्ट्रीय अंगदान दिवस के उपलक्ष्य में ईएसआई मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, फरीदाबाद में प्रातः 8:00 बजे से 11:30 बजे तक अंगदान, देहदान एवं नेत्रदान जागरूकता कार्यक्रम, पौधारोपण एवं रक्तदान अभियान का आयोजन किया गया।
यह कार्यक्रम दधीचि देहदान समिति फरीदाबाद एवं ईएसआई मेडिकल कॉलेज फरीदाबाद के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया।
इस पूरे कार्यक्रम के मुख्य संयोजक डॉ. हेमंत अत्री रहे। उन्होंने कार्यक्रम की संकल्पना, समन्वय एवं मंच संचालन की महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए सभी गतिविधियों को एक सूत्र में पिरोया तथा अंगदान, देहदान, नेत्रदान, रक्तदान एवं पर्यावरण संरक्षण जैसे सामाजिक सरोकारों को एक साथ जोड़कर कार्यक्रम को सार्थक एवं प्रभावशाली बनाया।
108 पौधों का पौधारोपण एवं दीप प्रज्ज्वलन
कार्यक्रम से पूर्व ईएसआई मेडिकल कॉलेज के प्रांगण में शहर की मेयर प्रवीण बतरा जोशी , दधीचि देहदान समिति की उपाध्यक्ष मंजू प्रभा , डीन ईएसआई मेडिकल कॉलेज डॉ. कालीदास चव्हाण दत्तात्रेय , मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. संदीप , डिप्टी मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. एस.आर. सिंह , पूर्व मंत्री हरियाणा सरकार सीमा त्रिखा , राजीव गोयल , अध्यक्ष आईएमए फरीदाबाद डॉ. राजीव गुंबर , पार्षद मनोज नसवा , पार्षद कुलदीप सहानी , पार्षद ज्योति सिलानी , चेयरमैन बालाजी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस जगदीश चौधरी , अर्जुन अवॉर्डी श्री संजीव राजपूत , पैरा एथलीट कंचन लखानी , उद्योगपति कुलदीप सिंह , एच.एस. मलिक , प्रवेश मलिक , राजेश चेची , चांदनी आज़ाद अली , संगीता नेगी, गौरव भारद्वाज , विपुल एवं डॉ. हेमंत अत्री सहित अन्य गणमान्य अतिथियों ने 108 पौधों का पौधारोपण किया।
इसके पश्चात सभी गणमान्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया।
पौधारोपण एवं दीप प्रज्ज्वलन के अवसर पर अतिथियों ने पर्यावरण संरक्षण, समाजसेवा, अंगदान एवं देहदान जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार साझा किए और लोगों को इन नेक कार्यों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम का मंच संचालन एवं मुख्यसंयोजक की भूमिका डॉ. हेमंत अत्री द्वारा निभाई गई। इसके पश्चात अर्चना गोयल द्वारा “जीवेम शरदः शतम” मंत्र का उच्चारण कर कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत की गई।
डीन डॉ. कालीदास चव्हाण दत्तात्रेय ने चिकित्सीय व्यवस्था में सुधार एवं Preventive Health पर जोर देते हुए दधीचि देहदान समिति द्वारा किए जा रहे सामाजिक कार्यों की सराहना की तथा हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।
दधीचि देहदान समिति फरीदाबाद के संयोजक गुलशन भाटिया ने समिति की स्थापना, कार्यप्रणाली एवं उपलब्धियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 में राष्ट्रपति भवन में अंगदान पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया था तथा वर्ष 2019 में दधीचि देहदान समिति को Best NGO Award भी प्राप्त हुआ। उन्होंने मेडिकल स्टूडेंट्स को अंगदान एवं देहदान के लिए प्रेरित किया।
एनाटॉमी विभाग के प्रमुख डॉ. रतेश ने पार्थिव शरीर के चिकित्सीय शिक्षा में उपयोग एवं मेडिकल स्टूडेंट्स को शरीर के विभिन्न अंगों का अध्ययन कराने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी।
नेत्र विशेषज्ञ डॉ. शचि ने नेत्रदान से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करते हुए मृत्यु के बाद बरती जाने वाली आवश्यक सावधानियों एवं समय पर नेत्रदान की सूचना देने के महत्व के बारे में बताया।
दधीचि देहदान समिति की उपाध्यक्ष मंजू प्रभा ने अपने सहज एवं आत्मीय अंदाज में लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि “जिस दिन आपने अंगदान की शपथ ली है, उसी दिन से आपका यह शरीर किसी की अमानत हो गया है। अब आपको इसकी और भी अधिक देखभाल करनी है।”
मानवसेवा के इसी संकल्प को आगे बढ़ाते हुए ईएसआई मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, फरीदाबाद में 01 अगस्त 2026 से प्रतिदिन रक्तदान अभियान भी चलाया जा रहा है।
कार्यक्रम में दधीचि देहदान समिति के पूर्व संयोजक राकेश माथुर , सुरिंदर गुप्ता , अर्चना गोयल , पूर्व सहसंयोजक विकास भाटिया, सुरेंद्र हेतम पुरिया , अलका अरोड़ा , बिमला देवी , विनोद बंसल , हेमराज , सुबोध नागपाल एवं सत्यवीर दहिया सहित अनेक सदस्य उपस्थित रहे।
