फरीदाबाद में किसानों का फूटा गुस्सा, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर पुलिस से धक्का-मुक्की
फरीदाबाद। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के शुक्रवार फरीदाबाद दौरे के दौरान बड़ौली और प्रह्लादपुर गांव के किसानों का आक्रोश एक बार फिर सडक़ पर उतर आया। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के नीचे उस वक्त माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया, जब भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष धनसिंह कोतवाल, धरना अध्यक्ष वीरपाल गुर्जर और उनके समर्थक मुख्यमंत्री को काले झंडे दिखाने जा रहे थे। विरोध प्रदर्शन को रोकने के लिए तैनात पुलिस और सीआईए के जवानों के साथ किसानों की तीखी झड़प और धक्का-मुक्की हुई, जिसके बाद पुलिस ने सख्ती बरतते हुए किसानों को वापस लौटाया। धरना अध्यक्ष वीरपाल गुर्जर ने बताया कि बड़ौली और प्रह्लादपुर गांव के किसानों का धरना पिछले 334 दिनों से लगातार जारी है। उनका कहना है कि करीब 16 वर्ष पहले उनकी जमीन का अधिग्रहण किया गया था, जिसके लिए मात्र 645 रूपये प्रति गज की दर से मुआवजा तय किया गया था।
आज के समय में आसमान छूती बाजार दरों को देखते हुए किसान इस पुराने मुआवजे को पूरी तरह से खारिज कर रहे हैं। किसानों ने लैंड पूलिंग योजना के तहत समाधान की मांग करते हुए अधिग्रहित जमीन के बदले उचित जमीन उपलब्ध कराने की गुहार लगाई है। किसान नेताओं ने स्पष्ट किया कि अधिग्रहित जमीन पर उनके स्वामित्व वाले 500 से अधिक पुराने मकान बने हुए हैं। किसान इन मकानों को अधिग्रहण के दायरे से पूरी तरह बाहर रखने और जमीन पर उनका मालिकाना हक बरकरार रखने की मांग पर अड़े हुए हैं। प्रदर्शनकारियों को रोकती पुलिस वीरपाल गुर्जर ने सरकार पर किसानों की आवाज दबाने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को 9 जनवरी 2025 और 8 सितंबर को ज्ञापन देकर किसानों की समस्याओं से अवगत कराया जा चुका है। इसके अलावा, कैबिनेट मंत्री राजेश नागर और विपुल गोयल के समक्ष भी यह मुद्दा उठाया गया, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला है। किसानों का दावा है कि उनकी अधिग्रहित जमीन की मौजूदा बाजार कीमत पहले की तुलना में कई गुना बढ़ चुकी है। वीरपाल गुर्जर ने कहा कि जब तक किसानों को उनका हक नहीं मिलता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा और किसान पीछे नहीं हटेंगे। प्रदर्शन के दौरान मैहर चंद, चंद्रपाल, विजयपाल चंदेला, रणवीर, वीरेंद्र चंदीला, सतबीर चंदीला, सूरज चंदीला, ओमप्रकाश भाटी, डॉ. जय प्रकाश, रोहित चंदीला, धर्म नंबरदार, महिपाल चंदीला और जोगिंदर भाटी समेत बड़ी संख्या में किसान व ग्रामीण मौजूद रहे।
