फॉर्म-6 के साथ ऑडिट बैलेंस शीट नहीं लगाने का आरोप, अभिभावक मंच ने सरकार से जांच की मांग
फरीदाबाद। प्राइवेट स्कूलों द्वारा फीस बढ़ोतरी के लिए जमा किए जाने वाले फॉर्म-6 के साथ ऑडिट बैलेंस शीट नहीं लगाने का मामला सामने आया है। हरियाणा अभिभावक एकता मंच ने आरटीआई के माध्यम से प्राप्त दस्तावेजों के आधार पर आरोप लगाया है कि फरीदाबाद के कई निजी स्कूलों ने पिछले तीन शैक्षणिक सत्रों में जमा किए गए फॉर्म-6 के साथ बैलेंस शीट उपलब्ध नहीं कराई।
मंच के जिला महासचिव एडवोकेट बीएस विरदी के अनुसार, मंच के प्रदेश महासचिव कैलाश शर्मा ने शिक्षा निदेशक, पंचकूला कार्यालय में आरटीआई लगाकर फरीदाबाद के 36 निजी स्कूलों के वर्ष 2022-23, 2023-24 और 2024-25 के फॉर्म-6 तथा उनके साथ जमा की गई बैलेंस शीट की प्रतियां मांगी थीं। शिक्षा निदेशक कार्यालय ने इस संबंध में डीईओ फरीदाबाद को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
मंच का दावा है कि डीईओ कार्यालय से प्राप्त फॉर्म-6 की प्रतियों के साथ ऑडिट बैलेंस शीट की प्रतियां संलग्न नहीं थीं। मंच के अनुसार, इसमें मानव रचना, ग्रैंड कोलंबस, डीएवी, एमवीएन-17 व अरावली हिल्स, मॉडर्न-17, सेंट जॉन्स, सेंट थॉमस, सेंट एंथोनी, डिवाइन, अग्रवाल, डायनेस्टी, फरीदाबाद मॉडल, श्रीराम, रयान, डीपीएस, एपीजे, मॉडर्न डीपीएस, तक्षशिला, एडी, होली चाइल्ड, हरमन गेमेनर, विद्यासागर, आयशर, अरावली इंटरनेशनल, टैगोर और गोल्ड फील्ड सहित अन्य स्कूल शामिल हैं।
मंच के प्रदेश अध्यक्ष एडवोकेट ओपी शर्मा और प्रदेश महासचिव कैलाश शर्मा ने आरोप लगाया कि कुछ निजी स्कूल फॉर्म-6 में अपनी वास्तविक आय और व्यय का पूरा विवरण नहीं दर्शाते। मंच का कहना है कि ट्यूशन फीस के अलावा बिल्डिंग, डेवलपमेंट, सिक्योरिटी, इंश्योरेंस, मेडिकल, परीक्षा, कैपिटेशन और अन्य मदों में वसूली जाने वाली राशि का सही विवरण फॉर्म-6 में नहीं दिखाया जाता।
मंच ने यह भी आरोप लगाया कि स्कूलों के वास्तविक वित्तीय आंकड़े सार्वजनिक न हों, इसलिए बैलेंस शीट को फॉर्म-6 के साथ प्रस्तुत नहीं किया जाता। हालांकि, ये आरोप मंच द्वारा लगाए गए हैं; संबंधित स्कूलों का पक्ष इस प्रेस नोट में उपलब्ध नहीं है।
मंच पदाधिकारियों के अनुसार, शिक्षा नियमों के तहत स्कूलों द्वारा जमा किए गए फॉर्म-6 और संबंधित वित्तीय दस्तावेजों को अभिभावकों की जानकारी के लिए नोटिस बोर्ड तथा स्कूल की आधिकारिक वेबसाइट पर सार्वजनिक किया जाना चाहिए।
हरियाणा अभिभावक एकता मंच ने मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री से मामले की जांच कराने की मांग की है। मंच ने मांग की है कि जिन स्कूलों ने फॉर्म-6 के साथ अनिवार्य वित्तीय दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही, मंच ने कथित रूप से बढ़ाई गई फीस को आगामी फीस में समायोजित कराने की मांग की है।
इसके अलावा मंच ने निजी स्कूलों के पिछले 10 वर्षों के खातों, ऑडिट और नियमों के पालन की जांच कराने की मांग की है। मंच का कहना है कि स्वतंत्र जांच से यह स्पष्ट हो सकेगा कि स्कूलों की वास्तविक वित्तीय स्थिति क्या है और फॉर्म-6 में प्रस्तुत आय-व्यय एवं बैलेंस शीट में कोई अनियमितता तो नहीं है।
