मनोहर लाल खट्टर और स्वामी धर्मदेव ने विभाजन विभीषिका दिवस पर पंजाबी पूर्वजों की शहादत का अपमान मंच पर करवाया: हरीश चन्द्र आज़ाद
हरियाणा पंजाबी संस्कृति संघ के प्रदेश अध्यक्ष हरीश चन्द्र आज़ाद पंजाबी समाज से अपील करते हैं कि इन दोनों पंजाबी सेवकों का बहिष्कार करें और पंजाबी समाज इन दोनों को पंजाबी बिरादरी से बेदखल करता हैं क्योंकि ये कार्यक्रम पंजाबी समाज के 12 लाख शहीद पूर्वजों की शहादत का था ना की बीजेपी का।
हरीश आज़ाद ने कहा कि पंजाबी समाज राव इंदरजीत जैसे घटिआ लोगों की द्वेष भावना का मोहताज़ नहीँ हैं जहाँ पार्टी के गुस्से का पंजाबी समाज को भोग बनाया जाये।
उन्होंने कहा हमारे देश की संस्कृति और राजनीति में राव इंदरजीत जैसे घटिया लोगों के लिए जगह नहीँ होनी चाहिए उन्होंने ललकारते हुए कहा इंदरजीत की घटिया भाषा पर चुप्पी रखने वाली भाजपा और नकली पंजाबी मनोहर लाल खट्टर और स्वामी धर्मदेव को जल्द ही सबक सिखाएगी।
हरीश आज़ाद ने मनोहर लाल खट्टर और स्वामी धर्मदेव को चेतावनी देते हुए कहा कि वो अपनी इस बहुत बड़े गुनाह कि क्षमा के लिए राव इंदरजीत का खुलकर विरोध करें और उनको मंत्री पद से हटाएँ नहीँ तो पंजाबी समाज से बर्खास्त होने की सजा के लिए तैयार रहें अगर इन दोनों पंजाबीयों ने अपनी भूल ना सुधारी देश की सबसे बड़ी पंजाबी पंचायत बुलाकर इन दोनों को पंजाबी समाज से बर्खात किया जायेगा।
अंत में आज़ाद ने कहा कि विभाजन विभीषिका दिवस को बीजेपी राजनितिक मंच बनाये नहीँ तो इसका पंजाबी समाज खुलकर विरोध करेगा ।
