कर्मचारी 12 दिसम्बर को रामलीला मैदान दिल्ली में करेंगे राष्ट्रीय रैली : सुभाष लांबा

27-28-29 सितंबर को राज्य सम्मेलन में सरकार के खिलाफ होगा आंदोलन का फैसला

फरीदाबाद। बिहार अराजपत्रित राज्य कर्मचारी महासंघ के बेनर तले बृहस्पतिवार को पीएमसीएच थिएटर, पटना में राज्य स्तरीय कन्वेंशन का आयोजन किया गया। कन्वेंशन की अध्यक्षता राज्य अध्यक्ष नीलम कुमारी ने की। राज्य महामंत्री सुबेश सिंह द्वारा संचालित इस कन्वेंशन में अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष लांबा, कोषाध्यक्ष शशिकांत राय, एनईसी सदस्य शैलेन्द्र सिंह, रेखा कुमारी और सीटू के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुदीप दत्ता, पूर्व अध्यक्ष विश्वनाथ सिंह आदि पहुंचे और संबोधित किया। कन्वेंशन में सभी जिलों से सैकड़ों की संख्या में पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।

सर्व सम्मति से पारित प्रस्ताव में 12 दिसम्बर की रामलीला मैदान दिल्ली में होने वाली राष्ट्रीय रैली में बढ़-चढक़र शामिल होने का फैसला लिया गया। रैली के मांग मुद्दों को लेकर सभी जिलों व सब डिवीजन और ब्लाकों में कर्मचारी सभाएं आयोजित की जाएगी और कर्मचारियों से रैली में बढ़-चढक़र शामिल होने का आह्वान किया जाएगा। कन्वेंशन को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष लांबा ने कहा कि केन्द्र सरकार ने पीएफआरडीए एक्ट रद्द कर पुरानी पेंशन बहाली करने की बजाय युनाइटेड पेंशन स्कीम (यूपीएस) को एकतरफा लागू कर जले पर नमक छिडक़ने का काम किया है। उन्होंने कहा कि आज सभी राज्यों एवं केंद्र सरकार के विभागों में लगभग पचास प्रतिशत ठेका संविदा कर्मचारी 10 से 15 सालों से काम कर रहे।

जिनको न तो रेगुलर किया जा रहा है और न ही उनका समान काम समान वेतन दिया जा रहा है। संविदा कर्मियों का भारी शोषण हो रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार के विभागों और पीएसयू में एक करोड़ से ज्यादा पद खाली है, लेकिन उसको रेगुलर बहाली से नहीं भरा जा रहा है। सरकारी क्षेत्र के उपक्रमों को मजबूत करने की बजाय उनका निजीकरण किया जा रहा है और सरकारी विभागों को सिकोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि आठवें पे कमीशन को भेजें ज्ञापन में 3.8 फिटमेंट फेक्टर, पांच प्रतिशत वार्षिक वेतन वृद्धि, सबसे उच्च व निम्न पद का अनुपात 1:10 से ज्यादा नहीं करने और दस की बजाय पांच साल में पे रिवीजन करने की मांग की है।

उन्होंने कहा कि दो से पांच लाख की आबादी वाले शहरों एवं कस्बों में 30, पांच से पचास साल की आबादी वाले शहरों में 35 प्रतिशत और पांच लाख से ज्यादा आबादी वाले महानगरों में 40 प्रतिशत एचआरए देन,दस हजार रूपए शिशु शिक्षा भत्ता देने और एक करोड़ रूपए हाऊस बिल्डिंग एडवांस,दस लाख रुपए मेरिज एडवांस और चार पहिया वाहन खरीद के लिए दस लाख रुपए एडवांस देने की मांग की है। अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के कोषाध्यक्ष शशिकांत राय, बिहार अराजपत्रित राज्य कर्मचारी महासंघ के राज्य अध्यक्ष नीलम कुमारी व महामंत्री सुबेश सिंह व कोषाध्यक्ष शैलेन्द्र सिंह ने कहा कि कहा कि बिहार सरकार कर्मचारियों की अत्यंत जायज़ मांगों की अनदेखी कर रही है। जिसके कारण कर्मचारियों में भारी आक्रोश है। उन्होंने कहा कि 27-28-29 सितंबर को राज्य सम्मेलन भोजपुर आरा में आयोजित किया जाएगा। जिसमें राज्य सरकार के खिलाफ आंदोलन की योजना बनाई जाएगी।

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