विद्यालयों के लिए विशेष पहल: निःशुल्क संगीत जागरूकता एवं इंटरैक्टिव कार्यशाला 

-"निःशुल्क संगीत जागरूकता एवं इंटरैक्टिव कार्यशाला" के लिए देश के प्रतिष्ठित संस्थान से आज ही संपर्क करें 

ग्रेटर फरीदाबाद । भूपानी फरीदाबाद स्थित सतयुग दर्शन ट्रस्ट ( रजि0) द्वारा संचालित सतयुग दर्शन संगीत कला केंद्र द्वारा विद्यार्थियों के नैतिक, आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक विकास हेतु भिन्न-भिन्न शिक्षण एवं संस्कार आधारित गतिविधियाँ संचालित की जा रही हैं, जिससे विद्यार्थी एक सफल एवं श्रेष्ठ नागरिक बन निर्विकारितापूर्ण जीवनयापन करने में सफल बन सके। इसी क्रम में सभी स्कूली बच्चों को ध्यान में रखते हुए संगीत की कार्यशाला आयोजित कराई जा रही हैं।
इन कार्यशालाओं का उद्देश्य विद्यार्थियों में कला के प्रति रुचि विकसित करना, उनकी रचनात्मक क्षमता को प्रोत्साहित करना तथा उन्हें भारतीय सांगीतिक विरासत से परिचित कराने के साथ-साथ, सतयुग की पहचान व मानवता का स्वाभिमान बनने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। यह पहल पूर्णतः निःशुल्क है। विद्यार्थियों में संगीत के प्रति जागरूकता, सृजनात्मक अभिव्यक्ति, सांस्कृतिक चेतना तथा नैतिक मूल्यों के विकास के उद्देश्य से सतयुग दर्शन संगीत कला केंद्र द्वारा देशभर के विद्यालयों में “निःशुल्क संगीत जागरूकता एवं इंटरैक्टिव कार्यशाला” का आयोजन किया जा रहा है।
कार्यशाला में विद्यार्थियों को भारतीय संगीत की आधारभूत अवधारणाओं—स्वर, लय, ताल, सप्तक, नियमित रियाज़ का महत्व, संगीत का वैज्ञानिक एवं मनोवैज्ञानिक प्रभाव, व्यक्तित्व विकास, एकाग्रता, आत्मविश्वास, अनुशासन तथा संगीत के क्षेत्र में उपलब्ध विविध करियर अवसरों—की विस्तृत एवं प्रेरणादायी जानकारी प्रदान की जाती है। साथ ही संवादात्मक गतिविधियों, लाइव संगीत प्रदर्शन तथा प्रश्नोत्तर सत्र के माध्यम से विद्यार्थियों को न केवल संगीत द्वारा आत्मीय रूप से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है अपितु जो आद संस्कृति हमारी धरोहर है उससे जोड़कर सुसंस्कृत बनाने का सकारात्मक प्रयास किया जा रहा है …
आपको बता दें कि सतयुग दर्शन सगीत कला केंद्र की सम्पूर्ण भारत में २२ शाखाएं कार्यरत हैं और सभी संगीत कला केंद्र प्रयाग संगीत समिति, प्रयागराज द्वारा मान्यता प्राप्त हैं। ये सभी कला केंद्र भारतीय संगीत एवं सांस्कृतिक कलाओं के प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। इन केंद्रों में अनुभवी एवं गुणी शिक्षकों के मार्गदर्शन में प्रतिवर्ष हजारों विद्यार्थी संगीत की परीक्षाएँ उत्तीर्ण कर प्रभाकर जैसी प्रतिष्ठित उपाधियाँ प्राप्त करते हैं तथा विभिन्न क्षेत्रों में सफलता अर्जित कर समाज एवं राष्ट्र की सेवा में अपना योगदान दे रहे हैं। अनेक विद्यार्थी संगीत अध्यापक, रेडियो , टी. वी. कलाकार तथा विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों में कार्यरत होकर अपने सपनों को साकार कर रहे हैं।
अत: सभी विद्यालयों के माननीय प्राचार्यों से अनुरोध है कि वे अपने विद्यालय के विद्यार्थियों के लिए इस ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायी कार्यशाला का आयोजन करवाने हेतु अपनी सुविधानुसार तिथि एवं समय निर्धारित कर नीचे दिए गए संपर्क सूत्रों पर संपर्क कर अपना स्लॉट आरक्षित कर सकते हैं। संपर्क सूत्र: 87004 84455, सतयुग दर्शन संगीत कला केंद्र (प्रयाग संगीत समिति, प्रयागराज से मान्यता प्राप्त ) ।
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