इलेक्ट्रिक स्कूटर की डीलरशिप दिलाने के नाम पर ठगी, दो आरोपित गिरफ्तार

फरीदाबाद। इलेक्ट्रिक स्कूटर की डीलरशिप दिलाने के नाम पर लाखों रुपए की ठगी करने के मामले में साइबर थाना एनआईटी पुलिस ने दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपितों की पहचान भोपाल, मध्यप्रदेश निवासी प्रिंस गुप्ता तथा तेजस कुमार के रुप में हुई है। पुलिस ने आरोपितों को गुरुवार अदालत में पेश किया, जहां से तेजस को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया वहीं प्रिंस को छह दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस प्रवक्ता अनुसार जीवन नगर-2, गौच्छी, फरीदाबाद निवासी एक व्यक्ति ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 5 जनवरी 2026 को उसने गूगल पर एक इलेक्ट्रिक स्कूटर की डीलरशिप संबंधी जानकारी खोजी थी और एक वेबसाइट पर उसने डीलरशिप के लिए आवेदन किया। फिर 21 जनवरी को एक मोबाइल नंबर से कॉल आया और उसे गुरुग्राम में डीलरशिप उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया। ठगों ने ई-मेल के माध्यम से डीलरशिप आवेदन फॉर्म भेजा।

ठगों ने प्रोसेस फीस, एनओसी तथा अन्य औपचारिकताओं के नाम पर विभिन्न किश्तों में धनराशि जमा कराने को कहा गया और उसने 28 जनवरी को प्रोसेस फीस के नाम पर एक लाख 77 हजार तथा 30 जनवरी को एनओसी के नाम पर चार लाख 75 हजार रुपए ठगों द्वारा बताए गए बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिये। इसके बाद ठगों ने लाइसेंस अप्रूवल के नाम पर दस लाख 50 हजार रुपए की अतिरिक्त राशि की मांग की। जिस पर उसको धोखाधड़ी का संदेह हुआ। शिकायत के आधार पर साइबर थाना एनआईटी में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। जांच में सामने आया कि तेजस कुमार बैंक खाता खाताधारक है, जिसके खाते में ठगी की राशि के चार लाख 75 हजार रुपए जमा हुए थे। वहीं आरोपित प्रिंस गुप्ता ने तेजस का बैंक खाता और उससे संबंधित दस्तावेज प्राप्त कर कोरियर के माध्यम से आगे साइबर ठगों तक पहुंचाए थे। दोनों एक ही क्षेत्र के निवासी हैं और उनकी पहचान क्रिकेट खेलने के दौरान हुई थी। प्रिंस ने तेजस को कमीशन का लालच देकर उसके नाम पर बैंक खाते खुलवाने के लिए तैयार किया। प्रिंस ने तेजस के नाम पर कुल पांच बैंक खाते खुलवाए थे, जिनकी बैंकिंग किट और दस्तावेज साइबर ठगों को उपलब्ध कराए थे।

You might also like
Leave A Reply

Your email address will not be published.