नारी शक्ति से विकसित भारत की नई उड़ान : अनीता शर्मा
भारत आज एक ऐसे ऐतिहासिक दौर से गुजर रहा है जहाँ विकास केवल आर्थिक प्रगति का विषय नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का भी आधार बन रहा है। प्रधानमंत्री के विकसित भारत 2047 के संकल्प ने देश के प्रत्येक नागरिक, विशेषकर महिलाओं और युवाओं को राष्ट्र निर्माण में सहभागी बनने का अवसर प्रदान किया है।
किसी भी राष्ट्र की प्रगति उसकी आधी आबादी की भागीदारी के बिना संभव नहीं है। आज भारत की बेटियाँ शिक्षा, विज्ञान, प्रशासन, सेना, राजनीति और उद्यमिता के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। यह केवल महिलाओं की सफलता नहीं, बल्कि भारत की सामूहिक शक्ति का परिचायक है। महिला नेतृत्व अब केवल प्रतिनिधित्व तक सीमित नहीं, बल्कि नीति निर्माण और सामाजिक परिवर्तन का सशक्त माध्यम बन चुका है।
नई शिक्षा नीति ने देश की बेटियों के लिए अवसरों के नए द्वार खोले हैं। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास और तकनीकी ज्ञान के माध्यम से युवतियाँ आत्मनिर्भर बन रही हैं। शिक्षा केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, नेतृत्व और सामाजिक जागरूकता का आधार है। एक शिक्षित बेटी न केवल अपना भविष्य बदलती है, बल्कि पूरे परिवार और समाज को नई दिशा देती है।
डिजिटल युग ने असीम संभावनाएँ प्रदान की हैं, लेकिन इसके साथ चुनौतियाँ भी बढ़ी हैं। सोशल मीडिया और इंटरनेट के बढ़ते प्रभाव के बीच बेटियों की डिजिटल सुरक्षा और जागरूकता अत्यंत आवश्यक है। हमें ऐसी डिजिटल संस्कृति विकसित करनी होगी जहाँ तकनीक का उपयोग सशक्तिकरण, शिक्षा और सकारात्मक संवाद के लिए हो। परिवार, समाज और संस्थाओं की साझा जिम्मेदारी है कि वे सुरक्षित डिजिटल वातावरण का निर्माण करें।
विकास की यात्रा पर्यावरण संरक्षण के बिना अधूरी है। आज जलवायु परिवर्तन पूरी दुनिया के सामने एक गंभीर चुनौती है। ऐसे समय में “एक पेड़ माँ के नाम” जैसे अभियान केवल वृक्षारोपण नहीं, बल्कि प्रकृति और संस्कृति के प्रति हमारी संवेदनशीलता का प्रतीक हैं। भारतीय परंपरा में प्रकृति को माता का स्वरूप माना गया है और महिलाओं ने सदैव पर्यावरण संरक्षण में अग्रणी भूमिका निभाई है। यदि प्रत्येक नागरिक पर्यावरण संरक्षण का संकल्प ले, तो आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और सुरक्षित भविष्य मिल सकता है।
हाल के वर्षों में भारत ने राष्ट्रीय सुरक्षा, आत्मनिर्भरता और वैश्विक प्रतिष्ठा के क्षेत्र में अभूतपूर्व उपलब्धियाँ प्राप्त की हैं। देश की सुरक्षा और सम्मान सर्वोपरि हैं, और इसमें महिलाओं की भागीदारी भी निरंतर बढ़ रही है। आज भारतीय महिलाएँ सेना, पुलिस और विभिन्न सुरक्षा संस्थानों में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाकर राष्ट्र की शक्ति को और मजबूत बना रही हैं।
विकसित भारत का सपना केवल सरकारों से नहीं, बल्कि जागरूक नागरिकों, शिक्षित युवाओं, सशक्त महिलाओं और संवेदनशील समाज से पूरा होगा। जब बेटी शिक्षित होगी, युवा आत्मनिर्भर होगा, डिजिटल दुनिया सुरक्षित होगी और पर्यावरण संरक्षित होगा, तभी भारत विश्वगुरु बनने की दिशा में और तेजी से आगे बढ़ेगा।
आज आवश्यकता राजनीति से ऊपर उठकर राष्ट्रनीति, समाजनीति और जनभागीदारी को मजबूत करने की है। आइए, हम सब मिलकर एक ऐसे भारत के निर्माण का संकल्प लें जो विकासशील नहीं, बल्कि विकसित, आत्मनिर्भर, सुरक्षित, समृद्ध और संस्कारवान भारत हो। यही विकसित भारत 2047 की सच्ची परिकल्पना है और यही हमारी आने वाली पीढ़ियों के प्रति सबसे बड़ी जिम्मेदारी भी।
अनीता शर्मा भाजपा नेत्री हरियाणा
