हरियाणा पर्यटन निगम की पहल: सूरजकुंड से आसोला भाटी तक निकली हैरिटेज वॉक
- पर्यटकों और युवाओं ने जाना हरियाणा की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का इतिहास
सूरजकुंड (फरीदाबाद) । हरियाणा पर्यटन निगम द्वारा आज विश्व प्रसिद्ध पर्यटन एवं सांस्कृतिक स्थल सूरजकुंड में “हैरिटेज एवं सिटी वॉक” कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन सूरजकुंड में ऐतिहासिक सूरजकुंड से आसोला भाटी वाइल्ड लाइफ़ सैंक्चुअरी तक किया गया। यह आयोजन हरियाणा प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी तथा हरियाणा सरकार के विरासत एवं पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा के मार्गदर्शन एवं दिशानिर्देशों के अनुरूप आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य प्रदेश की समृद्ध ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं स्थापत्य विरासत के संरक्षण, संवर्धन एवं प्रचार-प्रसार के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना तथा युवाओं एवं पर्यटकों को हरियाणा की गौरवशाली विरासत से परिचित कराना था। हैरिटेज एवं सिटी वॉक के दौरान प्रतिभागियों को सूरजकुंड के ऐतिहासिक महत्व,
इसकी प्राचीन जल संरक्षण प्रणाली, सांस्कृतिक विरासत तथा पर्यटन की दृष्टि से इसके महत्व के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। हरियाणा पर्यटन विभाग की ओर से उप महाप्रबंधक हरविंदर सिंह यादव ने बताया कि हरियाणा पर्यटन निगम प्रदेश की विरासत एवं सांस्कृतिक धरोहरों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि हैरिटेज एवं सिटी वॉक जैसे कार्यक्रम नागरिकों में अपनी सांस्कृतिक जड़ों एवं ऐतिहासिक धरोहरों के प्रति जागरूकता और गर्व की भावना विकसित करते हैं। कार्यक्रम के सफल आयोजन में हरियाणा पर्यटन विभाग के प्रबंधक सत्यप्रकाश की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके कुशल नेतृत्व एवं समन्वय से कार्यक्रम का सफल संचालन सुनिश्चित हुआ।
इस अवसर पर विभागीय अधिकारियों, विद्यार्थियों, युवा प्रतिभागियों, पर्यटकों एवं स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन न केवल ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक ज्ञान को बढ़ाते हैं, बल्कि विरासत संरक्षण के प्रति समाज में सकारात्मक सोच विकसित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। हरियाणा पर्यटन निगम भविष्य में भी प्रदेश के विभिन्न ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक स्थलों पर इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा, जिससे हरियाणा की समृद्ध विरासत को व्यापक स्तर पर पहचान मिल सके।
यह भी पढ़ें
