राममेहर आर्य ने स्वामी अवधेशानंद गिरी से मुलाकात कर विभिन्न विषयों पर की विस्तृत चर्चा
राज्यपाल आचार्य देवव्रत द्वारा प्राकृतिक कृषि अभियान को अवधेशानंद गिरि महाराज ने बताया क्रांति - मनोविज्ञान पर आधारित पुस्तक “नॉट ब्रोकन” स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज को भेंट की
नई दिल्ली: आर्य प्रतिनिधि सभा हरियाणा के अंतरंग सदस्य राममेहर आर्य ने जूना अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज से औपचारिक मुलाकात कर विभिन्न सामाजिक, आध्यात्मिक एवं समसामयिक विषयों पर विस्तृत चर्चा की। इस अवसर पर उन्होंने मनोवैज्ञानिक एवं लेखक प्रदीप दलाल द्वारा लिखित पुस्तक “नॉट ब्रोकन” भी उन्हें भेंट की।
मुलाकात के दौरान राममेहर आर्य ने स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज को आर्य प्रतिनिधि सभा हरियाणा द्वारा प्रदेशभर में किए जा रहे सामाजिक एवं जनजागरूकता कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने विशेष रूप से राज्यपाल आचार्य देवव्रत द्वारा चलाए जा रहे प्राकृतिक कृषि अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि यह अभियान किसानों और समाज के लिए एक नई दिशा प्रदान कर रहा है तथा देशभर में लोगों को प्राकृतिक खेती के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज ने पुस्तक “नॉट ब्रोकन” की सराहना करते हुए कहा कि वर्तमान समय में मनोविज्ञान और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े विषय समाज की बड़ी आवश्यकता बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि आज के दौर में लोग मानसिक तनाव और अनेक प्रकार की उलझनों से गुजर रहे हैं, ऐसे में इस विषय पर लिखी गई पुस्तकें समाज को नई सोच और सकारात्मक मार्गदर्शन प्रदान करती हैं। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी का समाज के लिए आगे आना बेहद आवश्यक है, जब युवा अपनी जिम्मेदारी समझेंगे तो निश्चित रूप से कोई भी संस्था दिन दोगुनी रात चौगुनी उन्नति करेगी।
उन्होंने प्राकृतिक कृषि अभियान की भी प्रशंसा करते हुए कहा कि आचार्य देवव्रत द्वारा शुरू किया गया यह प्रयास निश्चित रूप से देश में एक बड़ी क्रांति साबित हो रहा है, जिससे लाखों किसान लाभान्वित हो रहे हैं।
गौरतलब है कि स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज देश के प्रमुख संत, दार्शनिक, लेखक एवं जूना अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर हैं। जूना अखाड़ा भारत में नागा साधुओं का सबसे प्राचीन और विशाल अखाड़ा माना जाता है।
