श्रीसिद्धदाता आश्रम में वैदिक मंत्रों से भक्ति के रंग में रंगा नृसिंह जयंती महोत्सव

अधर्म पर धर्म की जीत के पर्व नृसिंह जयंती पर गूंजे जयकार, भव्य शोभायात्रा में झूमे श्रद्धालु

फरीदाबाद। सूरजकुंड मार्ग पर स्थित श्रीलक्ष्मीनारायण दिव्यधाम-श्रीसिद्धदाता आश्रम में गुरुवार को श्रीहरि विष्णु के अवतार भगवान श्रीनृसिंह जयंती महोत्सव आयोजित किया गया। इसमें भगवान की शोभायात्रा निकाली गई। श्रीरामानुज संप्रदाय की पीठतीर्थ इंद्रप्रस्थ एवं हरियाणा के पीठाधीश्वर अनंत विभूषित श्रीमद जगदगुरु स्वामी रामानुजाचार्य स्वामी श्री पुरुषोत्तमाचार्य जी महाराज के सान्निध्य में स्वामी अनिरुद्धाचार्य जी महाराज तथा दिव्यधाम के पुजारियों, श्रीसुदर्शन वेदवेदांग महाविद्यालय के आचार्यों और विद्यार्थियों ने वैदिक मंत्रों के साथ भगवान श्रीलक्ष्मी-नृसिंह जी का भव्य अभिषेक किया।

इस दौरान श्रद्धालुओं उग्रवीरं महाविष्णुंज् मंत्र के उच्चारण से वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भरते नजर आए। इससे आश्रम समेत पूरा क्षेत्र भक्ति, आस्था और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर रहा। भगवान नृसिंह जयंती उत्सव में हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। पूरे आश्रम परिसर में मंत्रोच्चार, भजन और शंखनाद से दिव्यता का वातावरण बना रहा। श्रद्धालुओं के लिए भगवान नृसिंह से भय, रोग, संकट और नकारात्मक शक्तियों से मुक्ति की प्रार्थना की गई। अपने प्रेरणादायी प्रवचन में स्वामी श्रीसिद्धदाता आश्रम के अधिष्ठाता स्वामी श्रीपुरुषोत्तमाचार्य जी महाराज ने भक्त प्रह्लाद की कथा का वर्णन किया कि इस दिन गौधुलि में इस दिन भगवान नृसिंह ने अपने परम भक्त प्रह्लाद की रक्षा के लिए एक स्तंभ से प्राकृट्य किया।

आधा मनुष्य और आधा सिंह का रूप धारण कर अत्याचारी दैत्यराज हिरण्यकश्यप का वध किया था। यह घटना सत्य की विजय और अधर्म के अंत का प्रतीक है। जब-जब धर्म की हानि होती है, तब-तब भगवान विष्णु अधर्म के नाश और धर्म की स्थापना के लिए अवतार लेते हैं। भगवान श्रीनृसिंह शक्ति, साहस और न्याय के प्रतीक हैं, जो अपने भक्तों की हर संकट से रक्षा करते हैं। श्रीनृसिंह भगवान की कृपा से जीवन में शांति, सुरक्षा और आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त होती है। भगवान के अभिषेक के पश्चात भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें सजी-धजी झांकियां, ढोल-नगाड़े और भजन मंडलियों की मधुर प्रस्तुतियों ने सभी का मन मोह लिया। श्रद्धालु भक्ति गीतों पर झूमते हुए भगवान के जयकारों से पूरा क्षेत्र गुंजायमान कर रहे थे। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर वर्ग के लोगों में अपार उत्साह देखने को मिला।

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