सूरजकुंड मेले में सांस्कृतिक संध्या में हेमंत बृजवासी के भजनों पर झूमे पर्यटक

फरीदाबाद। 39वें अंतरराष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प मेले के तीसरे दिन की सांस्कृतिक संध्या में भक्ति की अनूठी छटा दिखाई दी। सोमवार देर शाम देशभर में अपनी मधुर आवाज और भावपूर्ण भजनों के लिए पहचाने जाने वाले मशहूर भजन गायक हेमंत बृजवासी के भजनों ने मेला परिसर को भक्तिमय बना दिया। जैसे ही हेमंत बृजवासी मुख्य चौपाल के मंच पर पहुंचे, पांडाल तालियों की गूंज से भर उठा और उपस्थित जनसमूह में श्रद्धा भाव से खासा उत्साह देखने को मिला।

हेमंत बृजवासी द्वारा सांस्कृतिक संध्या की शुरूआत जय राधे-राधे भजन से हुई, इसके पश्चात किशोरी कुछ ऐसा इंतजाम, दीवाना राधे का और जुबां पे राधा राधा जैसे भजनों से मेला परिसर भक्ति के रंग से सराबोर हो गया।मुख्य चौपाल में कई लोग मंच के सामने झूमते नजर आए, तो कई शांत भाव से बैठकर भक्ति रस का आनंद लेते रहे। हेमंत बृजवासी की आवाज में भक्ति का ऐसा रंग था कि लोग खुद को रोक नहीं पाए। रोशनी और साउंड सिस्टम के साथ भजनों की प्रस्तुति ने माहौल को और भी खास बना दिया।

सूरजकुंड मेले में आयोजित यह संध्या लोगों के लिए एक यादगार रात बन गई। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद भी लोग हेमंत बृजवासी के भजनों की सराहना करते नजर आए। सूरजकुंड मेले में चल रहे 39वें अंतरराष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिफ्ट मेले का तीसरा दिन खास बन गया,जब दिन में खरीदारी और मेलों की रौनक के बाद जैसे ही शाम हुई, हेमंत बृजवासी ने भजनों से पूरे वातावरण को श्रद्धा भाव में बदल दिया।

मेले में आए लोग अपने परिवार और मित्रों के साथ मंच के सामने जमा हो गए। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी भक्ति के रंग में रंगे नजर आए। मशहूर भजन गायक हेमंत बृजवासी द्वारा राधे राधे के मधुर भजनों से कार्यक्रम की शुरुआत करने के बाद ही संपूर्ण पंडाल भक्तिरस से सराबोर हो गया। सैकड़ों श्रद्धालु भजनों पर झूम उठे। सांस्कृतिक संध्या में काली कमली वाले, दीवाना राधे का सहित भावपूर्ण भजनों की प्रस्तुतियों ने उपस्थित श्रोताओं को भाव विभोर कर दिया।

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