पर्यटन को पंख म्हारी नायब सरकार लगारी सै, सूरजकुंड का मेला ना देख्या तो क्या देख्या गीतों पर झूमे दर्शक

- सूरजकुंड मेले की मुख्य चौपाल पर गूंजे लोक गायक आजाद मंडोरी के हरियाणवी सुर, दर्शक हुए मंत्रमुग्ध

सूरजकुंड (फरीदाबाद) । हरियाणा के फरीदाबाद स्थित सूरजकुंड में आयोजित 39वें इंटरनेशनल आत्मनिर्भर क्राफ्ट फेस्टिवल में सोमवार को मुख्य चौपाल पर हरियाणा के प्रसिद्ध लोक गायक आजाद मंडोरी ने अपनी सुमधुर हरियाणवी प्रस्तुतियों से दर्शकों का दिल जीत लिया। लोक संगीत के रंग में रंगी मुख्य चौपाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठी।

लोक गायक आजाद मंडोरी ने सूरजकुंड मेले पर आधारित थीम सॉन्ग “सूरजकुंड का मेला ना देख्या तो के देख्या” की प्रस्तुति दी। जैसे ही गीत के बोल गूंजे, दर्शकों ने तालियां बजाकर कलाकार का उत्साहवर्धन किया। इसके बाद उन्होंने एक के बाद एक शानदार गीत प्रस्तुत कर उपस्थित लोगों का भरपूर मनोरंजन किया।

कार्यक्रम के दौरान जब आजाद मंडोरी ने “पर्यटन को पंख म्हारी नायब सरकार लगारी सै” गीत की शुरुआत की, तो पूरे पंडाल में उत्साह का माहौल बन गया। दर्शकों ने जमकर तालियां बजाईं और हरियाणवी लोक संस्कृति से जुड़े गीतों पर झूमते नजर आए।

लोकगायक ने अपने गीतों के माध्यम से यह संदेश दिया कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा सरकार पर्यटन, कला और संस्कृति को निरंतर बढ़ावा दे रही है। उन्होंने सूरजकुंड मेले के लिए विशेष रूप से तैयार किए गए थीम सॉन्ग के लिए हरियाणा के पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद कुमार शर्मा का आभार भी व्यक्त किया।

उन्होंने अपने संबोधन और गीतों के जरिए शिल्पकारों को इस मेले का असली नायक बताते हुए कहा कि सूरजकुंड मेला शिल्पकारों की मेहनत और हुनर को विश्व स्तर पर पहचान दिलाने का सशक्त मंच है। यहां आने वाले पर्यटकों को हर स्टॉल पर शिल्पकारों की लगन और कला की झलक साफ दिखाई देती है।

उल्लेखनीय है कि 15 फरवरी तक चलने वाले इस 39वें अंतरराष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प मेले का उद्घाटन तीन दिन पूर्व महामहिम उपराष्ट्रपति श्री सी.पी. राधाकृष्णन ने मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की गरिमामयी उपस्थिति में किया था। यह मेला न केवल भारतीय बल्कि विदेशी शिल्प और संस्कृति को भी एक मंच पर प्रस्तुत कर रहा है। उन्होंने कृष्ण मुरारी म्हारी वेदना नै मेट भजन गीत की प्रस्तुति दी।

मुख्य चौपाल पर उत्तर प्रदेश के कलाकारों ने मुख्य कलाकार कृष्ण शर्मा की पार्टी ने मोर कुटी नृत्य पर शानदार प्रस्तुति देकर भगवान श्री कृष्ण की महिमा का बखान किया। इसके अलावा गुरु करिना फासो, कुमरोज, घाना आदि पश्चिमी अफ्रीकी देशों के कलाकारों ने अपनी कलाओं व संस्कृति पर आधारित गीतों की प्रस्तुतियां दी।

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