बिजली निगम के निजीकरण के विरोध में कर्मचारियों की तीन दिवसीय राज्यव्यापी हड़ताल कल से
फरीदाबाद। हरियाणा विद्युत नियामक आयोग द्वारा गुरुग्राम और नूंह में बिजली वितरण प्रणाली का लाइसेंस निजी कंपनी को देने के फैसले के खिलाफ बिजली कर्मचारियों में भारी रोष है। हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर 22, 23 और 24 अक्टूबर को तीन दिवसीय राज्यव्यापी हड़ताल बुलाई गई है।
हड़ताल को सफल बनाने के लिए मोर्चा के नेताओं ने फरीदाबाद सर्कल की सभी 29 सब डिवीजनों, 05 डिवीजनों, 02 सर्कल कार्यालयों तथा 11 केवी से लेकर 440 केवी तक के सभी सब-स्टेशनों और पॉवर हाउसों पर सघन संपर्क अभियान चलाया। यूनियन नेताओं ने कर्मचारियों से रूबरू होकर और डोर-टू-डोर जाकर इस आंदोलन में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की।
इस तीन दिवसीय हड़ताल को केवल कर्मचारियों और इंजीनियरों का ही नहीं, बल्कि प्रदेश की विभिन्न खाप पंचायतों, भारतीय किसान यूनियनों, भारतीय मजदूर संघ और छात्र संगठनों का भी पूर्ण समर्थन प्राप्त हुआ है।
संघर्ष मोर्चा के प्रतिनिधियों का कहना है कि सरकार की इस ‘वायदाखिलाफी’ और निजीकरण की नीतियों से महकमे को बचाने के लिए यह कदम उठाना अनिवार्य हो गया है। कर्मचारियों और अभियंताओं में अपनी जायज मांगों को लेकर भारी उत्साह देखा जा रहा है। बिजली कर्मियों ने स्पष्ट किया है कि वे इस हड़ताल के जरिए सरकार की नीतियों का एकजुट होकर कड़ा जवाब देंगे।
