शिल्प मेला के थीम राज्य गुजरात पवैलियन में ऐशियाई शेर की प्रतिमा व सोमनाथ मंदिर की प्रतिकृति बनी पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र

फरीदाबाद, 07 फरवरी 37वें सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय शिल्प मेला में थीम राज्य गुजरात पवैलियन में गीर नेशनल पार्क के ऐशियाई शेर की प्रतिमा तथा गुजरात के आध्यात्मिक रत्न सोमनाथ मंदिर की प्रतिकृति मेला में पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। पर्यटक ऐशियाई शेर की प्रतिमा तथा सोमनाथ मंदिर की प्रतिकृति के साथ सेल्फियां लेते नजर आ रहे हैं।
गुजरात के गीर नेशनल पार्क में पाए जाने वाले ऐशियाई शेर को शिल्प मेला में दर्शाया गया है। ऐशियाई शेर गुजरात का प्रतीकात्मक प्राणी है, जो गीर राष्टï्रीय उद्यान में अपनी विशेष उपस्थिति के लिए पर्यावरण महारत्न के रूप में जाना जाता है। वर्तमान में ऐशियाई शेरों की संख्या में आशाजनक वृद्धि दर्ज हुई है। बंगाल टाइगर और भारतीय तेंदुआ जैसे अन्य स्थानीय बिल्लियों के साथ ऐशियाई शेर वन्य जीव संरक्षण के लिए भारत प्रतिबद्धता का प्रतीक है।

गुजरात के आध्यात्मिक रत्न के रूप में विख्यात सोमनाथ मंदिर की प्रतिकृति भी शिल्प मेला में पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। गुजरात में स्थित सोमनाथ मंदिर 12 ज्योतिर्लिंगों में पहला है। यह मंदिर अपनी जटिल नक्काशियों और भव्य शिखरों के साथ भक्ति के अद्वितीय प्रतीक के रूप में प्रसिद्ध है। पौराणिक कथाओं के अनुसार इस मंदिर को 2000 वर्ष पहले बनाया गया था। कई आक्रमणों के बावजूद इसका पुन: निर्माण किया गया। विशेष रूप से 1947 में देश के प्रथम गृहमंत्री सरदार पटेल द्वारा इसका पुन: निर्माण करवाया गया।

वर्तमान में यह मंदिर एक तीर्थ स्थल के रूप में प्रसिद्ध है, जिसे देश के प्रथम राष्टï्रपति डा. राजेंद्र प्रसाद ने 1951 में लोकार्पित किया था। इस मंदिर में कपार्डी विनायक और हनुमान मंदिर जैसे विभिन्न आकर्षण भी हैं। इसके अलावा सोमनाथ मंदिर में जय सोमनाथ नामक मोहक ध्वनि और प्रकाश शो भी पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं।
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