‘मेक फॉर इंडिया’ से मजबूत होगी भारतीय अर्थव्यवस्था : राजीव जेटली

सेक्टर-12 एचएसवीपी ग्राउंड में स्वदेशी मेले के तहत हुआ युवा महोत्सव कार्यक्रम

फरीदाबाद। सेक्टर-12 स्थित एचएसवीपी ग्राउंड में स्वदेशी उत्सव एवं सरस आजीविका मेला का सफल आयोजन किया जा रहा है। स्वदेशी उत्सव एवं सरस आजीविका मेला के अंतर्गत आज रविवार को युवा महोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के मीडिया सलाहकार राजीव जेटली ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। उनके साथ मुख्य वक्ता के रूप में स्वदेशी जागरण मंच के अखिल भारतीय सह-व्यवस्था प्रमुख दीपक शर्मा ‘प्रदीप’ भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार राजीव जेटली ने कहा कि स्वदेशी का अर्थ केवल कुछ पारंपरिक वस्तुओं तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका मूल उद्देश्य भारत की अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाना है।

उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता है कि देशी उत्पादों को गुणवत्ता, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग के स्तर पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा के योग्य बनाया जाए, ताकि स्वदेशी वस्तुएं युवाओं की मजबूरी नहीं बल्कि उनका फैशन और पसंद बनें। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि भारत ने सीमित संसाधनों में चंद्रयान, मंगलयान और स्वदेशी कोविड वैक्सीन जैसी उपलब्धियां हासिल कर विश्व को अपनी तकनीकी क्षमता का परिचय दिया है। बावजूद इसके, आज भी कई विदेशी कंपनियां भारतीय नामों का उपयोग कर भारतीय उपभोक्ताओं को भ्रमित कर रही हैं, जिससे देश की बड़ी पूंजी विदेशों में जा रही है।

उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे स्वदेशी जागरण मंच से जुडक़र अपने नवाचार और रचनात्मक विचार साझा करें। उन्होंने कहा कि भारत के पास 130 करोड़ की विशाल आंतरिक बाजार शक्ति है और यदि मेक फॉर इंडिया की सोच को मजबूती मिले तो देश को किसी बाहरी बाजार पर निर्भर रहने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। उन्होंने यह भी कहा कि भारत की कंपनियां जैसे टाटा और महिंद्रा आज वैश्विक स्तर पर विश्वसनीयता की मिसाल बन चुकी हैं। यदि स्टार्टअप और एमएसएमई को सही प्लेटफॉर्म और संरक्षण मिले तो वे भी वैश्विक नेतृत्व कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि स्वदेशी जागरण मंच के इस जन-जागरण अभियान से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 के विकसित भारत के संकल्प को समय से पहले साकार किया जा सकता है। स्वदेशी जागरण मंच के अखिल भारतीय सह-व्यवस्था प्रमुख दीपक शर्मा ‘प्रदीप’ ने कहा कि स्वदेशी का सार रामराज्य है, जहाँ दैहिक, दैविक और भौतिक तीनों प्रकार के कष्टों का अभाव होता है। युवाओं से आह्वान किया कि वे देश के अन ऑर्गेनाइज्ड सेक्टर—विशेषकर दूध, कृषि, पोल्ट्री और मत्स्य पालन—को ऑर्गेनाइज्ड, स्टैंडर्डाइज्ड और सर्टिफाइड बनाएं।

उन्होंने कहा कि भविष्य का व्यापार एफएसएसएआई प्रमाणन, पैकेजिंग, ऑनलाइन बिक्री और ट्रेसिबिलिटी पर आधारित होगा। यदि डेयरी और कृषि को आधुनिक मानकों पर नहीं लाया गया, तो विदेशी कंपनियां इन क्षेत्रों पर कब्जा कर सकती हैं। स्वदेशी जागरण मंच के उत्तर क्षेत्र सह-संयोजक सतेंद्र कुमार सौरोत ने कहा कि उन्होंने कहा कि स्वदेशी जागरण मंच शिक्षण संस्थानों में जाकर विद्यार्थियों को यह संदेश देता है कि वे केवल नौकरी की दौड़ का हिस्सा न बनें, बल्कि उद्यमिता और स्वरोजगार को अपना लक्ष्य बनाएं। उन्होंने कहा कि आज के समय में उच्च प्रतिशत अंक प्राप्त करने के बावजूद नौकरी मिलना कठिन होता जा रहा है, जबकि उद्यमिता और स्वावलंबन का क्षेत्र पूरी तरह खुला हुआ है।

उन्होंने कहा कि भारत अपनी विशाल जनसंख्या, उत्पादन क्षमता और आंतरिक बाजार के बल पर न केवल आत्मनिर्भर बन सकता है, बल्कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को भी मजबूती दे सकता है। कोरोना काल में भारत द्वारा देश-विदेश को वैक्सीन उपलब्ध कराना इसका उदाहरण है। उन्होंने विकेन्द्रीकृत अर्थव्यवस्था, उद्यमिता और स्वरोजगार को देश की प्रगति का आधार बताते हुए कहा कि गांव और शहर—दोनों में स्वावलंबन को बढ़ावा देकर ही भारत को समृद्ध और सशक्त बनाया जा सकता है। इस अवसर पर स्वदेशी जागरण मंच विभाग संयोजक डॉ. सिकंदर सैनी, स्वावलंबी भारत अभियान के महानगर समन्वयक मनोज जेटली, स्वदेशी जागरण मंच विभाग विचार प्रमुख राजेंद्र शर्मा,  मेला प्रमुख राहुल डागर, माधवी हंस, सहित अन्य  कई गणमान्य व्यक्तिगण मौजूद रहे।

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