पोटैशियम बढऩे से दिल की धडक़न पर पड़ सकता है असर : डा. जितेंद्र कुमार
किडनी की सेहत को लेकर एकॉर्ड अस्पताल में हुआ सेमिनार का आयोजन
फरीदाबाद। ग्रेटर फरीदाबाद स्थित एकॉर्ड अस्पताल में किडनी की सेहत और शरीर में पोटैशियम के संतुलन को लेकर सेमिनार का आयोजन किया गया। इसमें अस्पताल के नेफ्रोलॉजी विभाग के चेयरमैन डॉ. जितेंद्र कुमार ने किडनी के मरीजों को खानपान और पोटैशियम के स्तर को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी। डॉ. जितेंद्र कुमार ने बताया कि किडनी शरीर से अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालने के साथ-साथ पोटैशियम जैसे जरूरी खनिजों का संतुलन बनाए रखने में अहम भूमिका निभाती है। किडनी की कार्यक्षमता कमजोर होने पर शरीर में पोटैशियम जमा हो सकता है। इसका स्तर अधिक बढऩे से दिल की धडक़न अनियमित होने और गंभीर मामलों में जान का खतरा बढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि लौकी के जूस और घीया के पानी सहित पोटैशियम युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन किडनी के मरीजों को सावधानी से करना चाहिए। ऐसे मरीजों के लिए खानपान का चयन उनकी किडनी की कार्यक्षमता और खून में पोटैशियम के स्तर के आधार पर किया जाना चाहिए। कुछ दवाइयों से भी पोटैशियम बढऩे का खतरा रहता है, इसलिए चिकित्सकीय निगरानी जरूरी है।
डॉ. जितेंद्र कुमार ने बताया कि पहले शरीर में बढ़े हुए पोटैशियम को नियंत्रित करने के उपचार के विकल्प सीमित थे, लेकिन चिकित्सा क्षेत्र में लगातार सुधार से अब बेहतर विकल्प उपलब्ध हुए हैं। सोडियम जिरकोनियम साइक्लोसिलिकेट ऐसी ही एक दवा है, जिसका इस्तेमाल खून में पोटैशियम का स्तर कम करने के लिए किया जाता है। हालांकि, इसका उपयोग डॉक्टर की सलाह और निगरानी में ही किया जाना चाहिए। उन्होंने किडनी के मरीजों को नियमित जांच कराने, खानपान में सावधानी बरतने और बिना चिकित्सकीय सलाह के किसी भी दवा या घरेलू पेय का सेवन न करने की सलाह दी। इस अवसर पर अस्पताल के चेयरमैन डॉ. युवराज कुमार ने कहा कि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ बीमारियों के प्रति जागरूक करना भी अस्पताल की प्राथमिकता है। किडनी से जुड़ी समस्याओं में समय पर जांच, सही उपचार और खानपान को लेकर जागरूकता बेहद जरूरी है। ऐसे सेमिनार के माध्यम से लोगों को बीमारियों की रोकथाम और आधुनिक उपचार विकल्पों की जानकारी मिलती है। इस अवसर पर कार्डियोलॉजी डिपार्टमेंट के चेयरमैन डॉ. ऋषि गुप्ता ने पोटेशियम का हार्ट पर पडऩे वाले बुरे असर से लोगों को अवगत कराया। इस मौके कर डॉ. वीके उपाध्याय, डॉ. वैशाली कथूरिया, डॉ. आनंद ठाकुर ने अपने वक्तव्य दिए।
