अग्रवाल महाविद्यालय के इतिहास विभाग द्वारा अतिथि व्याख्यान का आयोजन
बल्लभगढ़ । अग्रवाल कॉलेज, बल्लभगढ़ के इतिहास विभाग ने 14 अक्टूबर को “सिंधु घाटी सभ्यता-रहस्य, विशेषताएं और विरासत” विषय पर एक ज्ञानवर्धक अतिथि व्याख्यान का आयोजन किया। कार्यक्रम में श्रीमती सुषमा स्वराज गर्ल्स कॉलेज, बल्लभगढ़ के सेवानिवृत्त प्राचार्य श्री राजपाल सिंह की गरिमामयी उपस्थिति रही।
प्रतिष्ठित वक्ता ने छात्राओं और संकाय सदस्यों को बताया कि सिंधु घाटी सभ्यता दक्षिण एशिया के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र में फैली हुई विश्व की प्राचीनतम कांस्य युगीन और प्रथम नगरीय सभ्यता थी। राजपाल ने इस सभ्यता के राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और धार्मिक पहलुओं को विस्तारपूर्वक वर्णित करते हुए कहा कि हड़प्पा और मोहनजोदड़ो दोनों ही प्राचीन सिंधु घाटी सभ्यता के प्रमुख स्थल हैं और वर्तमान समय में पाकिस्तान में स्थित हैं। इस सभ्यता के शहर ‘ग्रिड पद्धति’ पर आधारित थे जहाँ सड़कें एक-दूसरे को समकोण पर काटती थीं। पक्की ईंटों के मकान, बहुमंजिला इमारतें और ढकी हुई उन्नत जल निकासी ड्रेनेज व्यवस्था इसकी खास पहचान थी।
यह सत्र अत्यधिक संवादात्मक रहा, जिसमें छात्र- छात्राओं ने उत्साहपूर्वक चर्चा में भाग लिया और विचारशील प्रश्न पूछे।कार्यक्रम का संचालन अग्रवाल कॉलेज बल्लभगढ़ की प्रबंध समिति के अध्यक्ष देवेंद्र कुमार गुप्ता, कॉलेज प्रबंध समिति के महासचिव दिनेश कुमार गुप्ता और कार्यवाहक प्राचार्य डॉ० सी० एस० वशिष्ठ के कुशल मार्गदर्शन और सहयोग से किया गया। व्याख्यान का संचालन इतिहास विभाग के अध्यक्ष डॉ. जयपाल सिंह ने किया।
यह भी पढ़ें
कार्यक्रम का समापन इतिहास विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉo सुप्रिया ढांडा द्वारा औपचारिक धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें उन्होंने विभाग के प्रयासों, अतिथि के प्रेरक शब्दों और छात्रों की सक्रिय भागीदारी की सराहना की। इस तरह की शैक्षणिक पहल, कक्षा में सीखने के साथ प्रख्यात विद्वानों के ज्ञान संपर्क के साथ जोड़कर एक समग्र शैक्षिक अनुभव प्रदान करने के लिए कॉलेज की प्रतिबद्धता सराहनीय है। इस अतिथि व्याख्यान से इतिहास के कुल 117 विद्यार्थी लाभान्वित हुए।
