राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने प्राकृतिक कृषि को बनाया जन आंदोलन : राममेहर आर्य

बोले उनकी प्रेरणा और मार्गदर्शन से प्रदेश भर में युवाओं को कार्यक्रम कर करेंगे जागरूक

चंडीगढ़/हरियाणा। प्राकृतिक कृषि को गुजरात एवं महाराष्ट्र के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने एक सशक्त जन आंदोलन में परिवर्तित कर दिया है। आज प्राकृतिक कृषि पूरे देश में किसानों के लिए फायदे का सौदा बन चुकी है और किसान स्वयं अपने भाग्य विधाता बन रहे हैं। उक्त विचार आर्य प्रतिनिधि सभा हरियाणा के अंतरंग सदस्य राममेहर आर्य ने राज्यपाल आचार्य देवव्रत से मुलाकात के पश्चात व्यक्त किए।

राममेहर आर्य ने बताया कि वर्तमान समय में देशभर में 50 लाख से अधिक किसान प्राकृतिक कृषि अपनाकर मुनाफा कमा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आचार्य देवव्रत के अथक परिश्रम, सकारात्मक सोच और निरंतर जागरूकता अभियानों के कारण प्राकृतिक कृषि की यह मुहिम आज अनेक राज्यों में एक क्रांति का रूप ले चुकी है।

उन्होंने कहा कि वे स्वयं किसान परिवार से आते हैं और भली-भांति जानते हैं कि अधिक उत्पादन की होड़ में किस प्रकार रासायनिक कीटनाशकों और जहरीली दवाइयों का अंधाधुंध प्रयोग किया जा रहा है। इसके दुष्परिणामस्वरूप अनेक गंभीर और जानलेवा बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं, जिसका प्रमाण यह है कि आज अस्पताल रोगियों से भरे पड़े हैं।

राममेहर आर्य ने जोर देते हुए कहा कि यदि हमें धरती, वायु और जल को बचाना है तो राज्यपाल आचार्य देवव्रत द्वारा बताए गए प्राकृतिक कृषि के मार्ग को अपनाना ही होगा। यही वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

उन्होंने आगे कहा कि आचार्य देवव्रत के मार्गदर्शन में वे स्वयं लगातार स्कूलों और गांव-गांव जाकर युवाओं को जागरूक करने का कार्य कर रहे हैं, क्योंकि जब देश का युवा किसान जागरूक होगा, तभी प्राकृतिक कृषि जन-जन तक पहुंचेगी। इसके लिए वे पूरे हरियाणा में निरंतर भ्रमण कर लोगों को प्राकृतिक कृषि के लाभों से अवगत करा रहे हैं।

You might also like
Leave A Reply

Your email address will not be published.