पैतृक गांव पाली में हुआ पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना का अंतिम संस्कार
फरीदाबाद। खनन विवाद में हुई भाजपा के पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना की हत्या के बाद सोमवार देर शाम उनका फरीदाबाद के पैतृक गांव पाली में दाह संस्कार किया गया। उनके बेटे अर्जुन भड़ाना ने चिता को मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार के वक्त पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना के दोस्त कृष्णपाल गुर्जर, कांग्रेस के पूर्व विधायक ललित नागर सहित कई अन्य लोग मौजूद रहे। उन्होंने बताया कि अतर सिंह 1982 में महज 24 साल की उम्र में निरविरोध सरपंच रहे। इसके बाद 1994 में वो दूसरी बार इलेक्शन जीतकर सरपंच बने। उनके पिता बुध सिंह भड़ाना भी गांव के सरपंच रहे थे। उनके पिता के नाम पर गांव में 6 एकड़ का स्टेडियम बनाया गया है। राजस्थान में काम शुरू करने से पहले अतर सिंह फरीदाबाद में क्रेशर चलाया करते थे।
30 साल पहले राजस्थान में उन्होंने क्रेशर प्लांट का काम शुरू किया और कुछ समय बाद ही परिवार के साथ वह यहां से चले गए। मगर, गांव की शादियों और दूसरे प्रोग्राम में लगातार आना जाना रहता था। वर्तमान में वह भरतपुर जिला के बयाना विधानसभा के गांव शेरगढ़ में बने फार्महाउस पर परिवार के साथ रह रहे थे। अतर सिंह का एक बेटा और चार बेटियां है। बेटा अर्जुन भड़ाना पेशे से वकील है। उनकी बेटी किरण भड़ाना आईएएस है, जो इस समय हिमाचल में नियुक्त है। उनके दो छोटे भाई है। इनमें बीर सिंह भडऩा पायलट रहे हैं, जबकि फतेह सिंह नेशनल लेवल के एथलीट रहे हैं। अतर सिंह खुद अपने समय के काफी अच्छे एथलीट माने जाते थे। कृष्णपाल गुर्जर ने उन्हें याद करते हुए बताया अतर सिंह की राजस्थान के साथ हरियाणा की राजनीति में अच्छी पकड़ थी।
फरीदाबाद के मौजूदा केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर उनके खास दोस्तों में शामिल है। पूर्व सासंद अवतार सिंह भड़ाना, पूर्व मंत्री करतार सिंह भड़ाना, मंत्री विपुल गोयल, मंत्री राजेश नागर सहित दूसरे जिलों के नेताओं से भी उनके अच्छे संबन्ध थे। परिवार के मुताबिक, वारदात से चार दिन पहले अतर सिंह अपने पैतृक गांव पाली में थे। वह पूरे परिवार के साथ राधा स्वामी सत्संग में शामिल होने आए थे। इसी दौरान उन्हें क्रेशर खनन साइट पर कर्मचारियों और ग्रामीणों के बीच झगड़े की जानकारी मिली। इसके बाद वह परिवार के साथ राजस्थान लौट गए और मामले को सुलझा दिया था। अब इसी विवाद में उनकी हत्या कर दी गई। भड़ाना के परिवार की ओर से इस मामले में 35 से 40 लोगों के खिलाफ नामजद एफआईअर दर्ज करवाई गई है।
