फरीदाबाद में दिल्ली वाले रास्तों पर नाकेबंदी बीएस-6 से नीचे गाडिय़ां लौटाईं
अब तक 15 प्रतिबंधित वाहन बॉर्डर से वापस लौटाए गए
फरीदाबाद। फरीदाबाद से दिल्ली जाने वाले वाहन चालकों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। बदरपुर बॉर्डर समेत दिल्ली जाने वाले दूसरे रास्तों पर पुलिस बीएस-6 मानक से नीचे की पेट्रोल और डीजल गाडिय़ों को वापस लौटा रही है। इसके लिए पुलिस ने शहर में दिल्ली की तरफ जाने वाले कई प्रमुख रास्तों पर नाके लगाए हैं। इनमें सराय ख्वाजा टोल, मीठापुर-दुर्गा बिल्डर एमसीडी टोल, सूरजकुंड-प्रहलादपुर रोड, करणी सिंह शूटिंग रेंज रोड, मांगर-मेहरौली रोड, मांगर चुंगी, बसंतपुर पुस्ता रोड और इस्माइलपुर रोड शामिल हैं। इसके अलावा दिल्ली-वडोदरा एक्सप्रेसवे पर कैली की तरफ उतरने से पहले यू-टर्न पर भी वाहनों की जांच की जा रही है। नाका इंचार्ज एएसआई पाल कुमार के मुताबिक, दिल्ली की तरफ जाने वाले वाहनों के दस्तावेज और प्रदूषण मानकों की जांच की जा रही है। अब तक बीएस-3 और बीएस-4 मानक वाले 15 वाहनों को वापस लौटाया जा चुका है।
उन्होंने बताया कि प्रतिबंधित वाहनों को दिल्ली में प्रवेश से रोकने के लिए पुलिस की टीम लगातार जांच कर रही है। नए नियमों के अनुसार, 1 नवंबर 2026 से 31 जनवरी 2027 तक दिल्ली के बाहर पंजीकृत बीएस-6 से नीचे के पेट्रोल और डीजल वाहनों को दिल्ली में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। बीएस-6 मानक वाले पेट्रोल और डीजल वाहन, सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहन नियमों के तहत प्रवेश कर सकेंगे। हालांकि, बीएस-6 वाहन चालकों के पास भी वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र होना जरूरी है। बिना वैध बीयूसीसी के वाहन को भी प्रवेश में परेशानी हो सकती है। दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक 324 तक पहुंचने के बाद वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने 2 नवंबर से पूरे एनसीआर में ग्रैप का दूसरा चरण लागू कर दिया है। इसके तहत पहले चरण के उपाय भी जारी रहेंगे। ग्रेप-2 लागू होने के बाद सडक़ों की मशीनों से सफाई, पानी का छिडक़ाव और धूल कम करने वाले पदार्थों का इस्तेमाल बढ़ाया जाएगा। खासकर ज्यादा ट्रैफिक और जाम वाले रास्तों पर एंटी स्मॉग गन चलाने के निर्देश हैं।
