वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए सीएक्यूएम के आदेशों की सख्ती से होगी पालना : आयुष सिन्हा

5 से 20 नवंबर तक एनसीआर में निर्माण एवं ध्वस्तीकरण गतिविधियों पर पूर्णय रहेगा प्रतिबंध

फरीदाबाद। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में वायु प्रदूषण की रोकथाम तथा सर्दियों के दौरान वायु गुणवत्ता में सुधार सुनिश्चित करने के उद्देश्य से वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) द्वारा 5 नवंबर से 20 नवंबर 2026 तक विशेष एहतियाती उपाय लागू करने के निर्देश जारी किए गए हैं। जिलाधीश एवं उपायुक्त आयुष सिन्हा ने बताया कि आयोग द्वारा जारी निर्देशों की अनुपालना में फरीदाबाद जिले में भी निर्धारित उपायों को प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा। इसके लिए सभी संबंधित विभागों एवं एजेंसियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। जिलाधीश आयुष सिन्हा ने बताया कि आयोग द्वारा वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग अधिनियम, 2021 की धारा 12 के तहत ये निर्देश जारी किए गए हैं। आयोग ने 29 सितंबर 2026 को संशोधित ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) भी जारी किया है, जिसके तहत वायु गुणवत्ता के विभिन्न स्तरों के अनुसार प्रदूषण की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए चरणबद्ध उपाय निर्धारित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि नवंबर 2018 से 2025 तक के वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) के आंकड़ों के विश्लेषण में सामने आया है कि नवंबर माह के शुरुआती और मध्य दिनों में दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण का स्तर अक्सर गंभीर एवं अति गंभीर श्रेणी तक पहुंच जाता है।

इस दौरान पराली एवं बायोमास जलाने, स्थानीय उत्सर्जन स्रोतों तथा प्रतिकूल मौसमी परिस्थितियों, जैसे हवा की कम गति और वातावरण में प्रदूषकों के सीमित फैलाव के कारण प्रदूषण की समस्या और बढ़ जाती है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रदूषण के चरम स्तर पर पहुंचने से पहले उत्सर्जन के स्रोतों पर नियंत्रण के लिए ये एहतियाती कदम उठाए गए हैं। जिलाधीश आयुष सिन्हा ने बताया कि आयोग के निर्देशानुसार 5 नवंबर से 20 नवंबर तक पूरे एनसीआर क्षेत्र में धूल उत्पन्न करने वाली बाहरी निर्माण एवं ध्वस्तीकरण गतिविधियों पर प्रतिबंध रहेगा। यह प्रतिबंध सरकारी एवं निजी क्षेत्र की निर्माण परियोजनाओं के साथ-साथ राजमार्गों, सडक़ों, फ्लाईओवर, ओवरब्रिज, विद्युत पारेषण लाइनों, पाइपलाइन और दूरसंचार जैसी रैखिक सार्वजनिक परियोजनाओं पर भी लागू होगा। हालांकि, रेलवे, मेट्रो सेवाओं, हवाई अड्डों, अंतरराज्यीय बस टर्मिनलों, अस्पतालों, जलापूर्ति एवं स्वच्छता, राष्ट्रीय सुरक्षा एवं रक्षा से संबंधित गतिविधियों तथा राष्ट्रीय महत्व की परियोजनाओं को निर्धारित प्रावधानों के अनुसार छूट प्रदान की गई है।

जिलाधीश आयुष सिन्हा ने बताया कि आयोग के आदेशानुसार दिल्ली एनसीआर के साथ हरियाणा के फरीदाबाद, गुरुग्राम एवं सोनीपत तथा उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद और गौतमबुद्ध नगर जिलों में राज्य सरकार एवं निजी कार्यालयों में अधिकतम 50 प्रतिशत कर्मचारी ही कार्यालय में उपस्थित होकर कार्य करेंगे, जबकि शेष कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम की सुविधा प्रदान की जाएगी। हालांकि, जिन औद्योगिक प्रतिष्ठानों एवं आवश्यक सेवाओं में यह व्यवस्था व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है, उन्हें इस प्रावधान से छूट रहेगी। आयुष सिन्हा ने सभी संबंधित विभागों, कार्यालयों एवं निजी प्रतिष्ठानों से आयोग के निर्देशों की गंभीरता से अनुपालना सुनिश्चित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा इन उपायों की प्रभावी निगरानी की जाएगी, ताकि निर्धारित अवधि के दौरान प्रदूषण नियंत्रण के प्रयासों में किसी प्रकार की लापरवाही न हो। उन्होंने आमजन से भी पर्यावरण संरक्षण में सहयोग देने तथा वायु प्रदूषण कम करने के लिए अपनी जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया।

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