सभी जाटव ‘मेघवाल’ नहीं बन सकते : सरदार निरंजन सिंह
मुख्यमंत्री सैनी के बयान पर एससी सैल के जिलाध्यक्ष ने जताया ऐतराज
फरीदाबाद। आम आदमी पार्टी एससी सैल के जिलाध्यक्ष सरदार निरंजन सिंह ने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के उस बयान पर कड़ा ऐतराज जताया है, जिसमें उन्होंने एससी समाज के जाति प्रमाण पत्र में ‘चमार’ की जगह ‘मेघवाल’ लिखने की मांग को लेकर केंद्र सरकार के समक्ष पैरवी करने के बारे बयान दिया है। निरंजन सिंह ने कहा कि ओबीसी जाति में 30-32 जातियां आते है और मेघवाल गौत्र है कोई जाति नहीं और सारे उस गौत्र में नहीं आ सकते।
यहां जारी प्रेस बयान में सरदार निरंजन सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री जातिय ताने बाने से छेड़छाड़ कर रहे है, जिससे एससी समाज कतई बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि एससी जाटव समाज से होते है और उनका जातीय प्रमाण पत्र चमार से ही बनता है। उन्होंने कहा कि हरियाणा के होडल से लेकर यमुनानगर तक 40 सीटों पर एससी समाज अपना प्रभाव डालता है, ऐसे में सभी एससी मेघवाल कैसे बन सकते है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री सैनी समाज से है, वह कुम्हार कैसे बन सकते है, इसलिए जाटव समाज मेघवाल नहीं बन सकता। सरदार निरंजन सिंह ने कहा कि वह गुरु रविदास जी के वंशज है इसलिए अगर उन्हें बनाना है तो रविदासिए बना दे। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि वह सभी एससी समाज के लोगों को मेघवाल न बनाए और इस जातीय ताने-बाने से छेड़छाड़ न करे।
