मंडलायुक्त संजय जून ने लंबित म्यूटेशन व डिमार्केशन मामलों की समीक्षा की
डीसी आयुष सिन्हा ने तहसीलदारों को दिए लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश
फरीदाबाद। फरीदाबाद मंडल के मंडलायुक्त संजय जून ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से फरीदाबाद मंडल के अंतर्गत आने वाले जिलों के उपायुक्तों के साथ बैठक कर तहसीलों में लंबित म्यूटेशन (इंतकाल) एवं डिमार्केशन मामलों सहित विभिन्न विषयों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में विभिन्न जिलों में राजस्व मामलों की स्थिति, लंबित प्रकरणों के निस्तारण की गति तथा आमजन को दी जा रही सेवाओं की गुणवत्ता पर विस्तार से चर्चा की गई। फरीदाबाद से उपायुक्त आयुष सिन्हा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े और जिले में चल रहे कार्यों की प्रगति रिपोर्ट मंडलायुक्त के समक्ष प्रस्तुत की। मंडलायुक्त संजय जून ने बैठक के दौरान कहा कि राजस्व विभाग से संबंधित सेवाएं सीधे आमजन से जुड़ी हुई हैं, इसलिए इन कार्यों में किसी प्रकार की अनावश्यक देरी स्वीकार्य नहीं होगी।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबित म्यूटेशन एवं डिमार्केशन मामलों के निस्तारण के लिए विशेष अभियान चलाकर तय समय सीमा के भीतर अधिकतम मामलों का समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि जमीन संबंधी मामलों में पारदर्शिता एवं समयबद्ध कार्रवाई से लोगों का प्रशासन पर विश्वास मजबूत होता है। बैठक में उपायुक्त आयुष सिन्हा ने जानकारी देते हुए बताया कि फरीदाबाद जिले में राजस्व मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए तहसील स्तर पर लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।
उन्होंने बताया कि अधिकारियों को नियमित रूप से लंबित मामलों की समीक्षा करने तथा प्राथमिकता के आधार पर पुराने मामलों को निपटाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त डिजिटल माध्यमों एवं आधुनिक तकनीक के प्रयोग से कार्यों में पारदर्शिता एवं सटीकता लाने का प्रयास किया जा रहा है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के उपरांत उपायुक्त आयुष सिन्हा ने जिले के सभी तहसीलदारों एवं नायब तहसीलदारों के साथ अलग से समीक्षा बैठक कर लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि म्यूटेशन से संबंधित लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द पूरा किया जाए और कार्यों में अनावश्यक विलंब करने वाले मामलों की विशेष रूप से समीक्षा की जाएगी।
उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक तहसील में लंबित मामलों की डेट-वाइज एजिंग रिपोर्ट तैयार की जाए, जिससे यह स्पष्ट रूप से पता चल सके कि कौन-सा मामला कितने समय से लंबित है और उसके निस्तारण में देरी के क्या कारण हैं। उन्होंने कहा कि लंबे समय से लंबित मामलों को चिन्हित कर विशेष प्राथमिकता के साथ उनका समाधान सुनिश्चित किया जाए। साथ ही प्रत्येक दिन की प्रगति रिपोर्ट उपायुक्त कार्यालय को भिजवाना अनिवार्य किया गया है, ताकि जिला स्तर पर कार्यों की निरंतर निगरानी की जा सके। डीसी ने कहा कि पाखल गांव में रोवर तकनीक के माध्यम से डिमार्केशन का कार्य सफलतापूर्वक किया गया है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। उन्होंने बताया कि इस तकनीक के उपयोग से भूमि सीमांकन कार्य अधिक सटीक, पारदर्शी और विवाद रहित तरीके से संपन्न हुआ है। डीसी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पाखल गांव की तर्ज पर अन्य गांवों में भी आधुनिक रोवर तकनीक का प्रयोग करते हुए डिमार्केशन कार्य किया जाए, ताकि भूमि विवादों में कमी लाई जा सके और लोगों को त्वरित राहत मिल सके।
