बढ़ते तनाव का महिलाओं के स्वास्थ्य पर पड़ रहा सीधा असर : डा. दिव्या
खजानी इंस्टीट्यूट में महिला स्वास्थ्य पर सेमिनार आयोजित
फरीदाबाद। खजानी विमेंस वोकेशनल इंस्टीट्यूट, एनआईटी फरीदाबाद में शनिवार को ‘वुमेन्स हेल्थ एंड वेल-बीइंग’ विषय पर फैकल्टी एनरिचमेंट सेशन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में एकॉर्ड अस्पताल की डायरेक्टर (आईवीएफ एवं स्त्री रोग विभाग) डॉ. दिव्या कुमार ने बतौर मुख्य वक्ता शिरकत कर महिला स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी। सेमिनार में संस्थान की फैकल्टी और छात्राओं ने बढ़-चढक़र भाग लिया। उन्होंने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली और बढ़ते तनाव का महिलाओं के स्वास्थ्य पर सीधा असर पड़ रहा है। मासिक धर्म स्वच्छता, प्रजनन स्वास्थ्य, हार्मोनल असंतुलन और पोषण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराने की सलाह दी। कई बार महिलाएं छोटी-छोटी स्वास्थ्य समस्याओं को नजरअंदाज कर देती हैं,
जो आगे चलकर गंभीर रूप ले सकती हैं। इसलिए जागरूकता और समय पर उपचार बेहद जरूरी है। मानसिक स्वास्थ्य और कार्य-जीवन संतुलन को भी उतना ही महत्वपूर्ण बताया और कहा कि स्वस्थ जीवन के लिए शारीरिक और मानसिक दोनों पहलुओं पर ध्यान देना आवश्यक है। आजकल महिलाओं में फर्टिलिटी संबंधी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। देर से शादी, तनाव, अनियमित जीवनशैली और हार्मोनल असंतुलन इसके प्रमुख कारण हैं। उन्होंने कहा कि समय पर जांच, संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और सही इलाज से इन समस्याओं पर काबू पाया जा सकता है। इसके अलावा आईवीएफ सहित कई अत्याधुनिक तकनीकें उपलब्ध हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार समय पर जांच के बाद आईयूआई, आईवीएफ और अन्य उन्नत उपचार से गर्भधारण की संभावना बढ़ाई जा सकती है। सेमिनार के दौरान इंटरैक्टिव सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें छात्राओं और शिक्षकों ने अपने सवाल विशेषज्ञ के सामने रखे। डॉ. दिव्या कुमार ने सभी प्रश्नों के सरल और व्यवहारिक तरीके से जवाब दिए, जिससे प्रतिभागियों को काफी लाभ मिला। संस्थान प्रबंधन ने कहा कि ऐसे सेमिनार महिलाओं को अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम के अंत में संस्थान की ओर से भविष्य में भी इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की बात कही गई।
