चंडीगढ़: कनाडा के ओंटारियो प्रांत की एसोसिएट मिनिस्टर ऑफ स्मॉल बिजनेस Nina Tangri के पंजाब दौरे के दौरान कृषि, खाद्य प्रसंस्करण और छोटे उद्योगों के क्षेत्र में संभावित सहयोग को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस अवसर पर पंजाब राज्य खाद्य आयोग के चेयरमैन Bal Mukand Sharma ने प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए कहा कि यह दौरा पंजाब और ओंटारियो के बीच आर्थिक, कृषि और व्यापारिक संबंधों को और अधिक मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
बैठक में पंजाब सरकार के पशुपालन, मत्स्य पालन एवं डेयरी विकास मंत्री Gurmeet Singh Khuddian भी शामिल हुए। उन्होंने कहा कि पंजाब में डेयरी, पशुपालन और फूड प्रोसेसिंग क्षेत्र में व्यापक संभावनाएं हैं और अंतरराष्ट्रीय सहयोग से नई तकनीक और निवेश को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की साझेदारी से किसानों की आय बढ़ाने और कृषि आधारित उद्योगों को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
इस बैठक में समाजसेवी एवं उद्योग से जुड़े प्रतिनिधि Arun Grover भी उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि पंजाब में फूड प्रोसेसिंग, कृषि आधारित उद्योगों और स्टार्टअप्स के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तकनीक और अनुभव का आदान-प्रदान हो तो इससे युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
बैठक में पंजाब की खाद्य सुरक्षा में भूमिका पर भी चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि पंजाब को देश का “फूड बाउल ऑफ इंडिया” कहा जाता है और राज्य भारत के केंद्रीय खाद्य भंडार के लिए गेहूं और चावल की आपूर्ति में महत्वपूर्ण योगदान देता है। यह भूमिका राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कार्यक्रमों को मजबूत करने में अहम है।
इस दौरान राज्य खाद्य आयोग की कार्यप्रणाली और जिम्मेदारियों पर भी प्रकाश डाला गया। आयोग का गठन राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के तहत किया गया है और यह सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने, मिड-डे मील और पीएम पोषण जैसी योजनाओं की निगरानी करने, लाभार्थियों के अधिकारों की रक्षा करने तथा खाद्य वितरण प्रणाली को बेहतर बनाने के लिए कार्य कर रहा है।
बैठक में छोटे और मध्यम उद्योगों की भूमिका पर भी जोर दिया गया। खाद्य प्रसंस्करण, कृषि आपूर्ति श्रृंखला, स्थानीय रोजगार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में इनकी अहम भूमिका बताई गई। साथ ही पंजाब और ओंटारियो के बीच कृषि-खाद्य नवाचार, फूड प्रोसेसिंग तकनीक, कोल्ड स्टोरेज और सप्लाई चेन मैनेजमेंट, उद्यमिता विकास, खाद्य सुरक्षा और गुणवत्ता प्रणाली तथा कौशल विकास जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।
इस अवसर पर कई प्रतिष्ठित उद्योग, बैंकिंग और कृषि क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे, जिनमें नरेश घई, अशोक अरोड़ा, परमिंदर सिंह चलाकी (चेयरमैन, मिल्कफेड), सुखबीर सिंह निज्जर, बिक्रम बाजवा (आरबीआई सेवानिवृत्त), सुरेश कुमार गोयल (एसबीआई), डॉ. राकेश तुली (एनएबीएल), डॉ. एस. एस. मारवाहा, चौधरी अनिल सिंहमार, जसपाल सिंह सिद्धू, डॉ. तेजिंदर सिंह, डॉ. पॉल सिंह सिद्धू, बी. डी. अग्रवाल, जे. एस. यादव और डॉ. अशोक कुमार सहित अन्य गणमान्य लोग शामिल थे।
बैठक के अंत में आशा व्यक्त की गई कि इस तरह के संवाद और सहयोग से पंजाब और ओंटारियो के बीच संबंध और मजबूत होंगे तथा कृषि-खाद्य, डेयरी और छोटे व्यवसायों के क्षेत्र में नई साझेदारियों के अवसर खुलेंगे। प्रतिनिधिमंडल को पंजाब की ओर से सफल और फलदायी यात्रा की शुभकामनाएं भी दी गईं।
