जीवा पब्लिक स्कूल की छात्राओं ने राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर किया शानदार प्रदर्शन
फरीदाबाद । हरियाणा आर्चरी एसोसिएशन के तत्वावधान में 1 फरवरी से 3 फरवरी 2026 तक पलवल में आयोजित 40वीं हरियाणा राज्य तीरंदाजी प्रतियोगिता (बालिका वर्ग) में जीवा पब्लिक स्कूल की छात्राओं ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर विद्यालय का नाम राज्य स्तर पर गौरवान्वित किया।
इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में जीवा पब्लिक स्कूल की कक्षा आठवीं ‘अ’ की छात्रा नैनिका सिंह ने अपनी अद्भुत प्रतिभा और कठोर परिश्रम का परिचय देते हुए अंडर-15 (40 मीटर) स्पर्धा में स्वर्ण पदक तथा अंडर-17 (50 मीटर) स्पर्धा में रजत पदक प्राप्त किया। वहीं कक्षा सातवीं ‘अ’ की छात्रा दृष्टिका सिंह ने अंडर-13 (30 मीटर) स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर विद्यालय की उपलब्धियों में एक और स्वर्णिम अध्याय जोड़ा।
हरियाणा राज्य के विभिन्न जिलों से आई प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा के बावजूद जीवा पब्लिक स्कूल की छात्राओं ने आत्मविश्वास, अनुशासन और उत्कृष्ट खेल कौशल का प्रदर्शन करते हुए पदक अर्जित किए। यह उपलब्धि न केवल छात्राओं की मेहनत और लगन को दर्शाती है, बल्कि विद्यालय में खेलों के प्रति सकारात्मक वातावरण और गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण का भी प्रमाण है।
इसी क्रम में विद्यालय के लिए यह अत्यंत गौरव का विषय है कि कक्षा छठी अ की छात्रा राहिनी ने “सुरतरंग नेशनल टैलेंट हंट” के अंतर्गत आयोजित संगीत (गायन) प्रतियोगिता में तृतीय पुरस्कार प्राप्त कर राष्ट्रीय स्तर पर विद्यालय का नाम रोशन किया। यह प्रतियोगिता सेक्टर-10 स्थित राजस्थान भवन में आयोजित की गई थी। राहिनी की मधुर आवाज़, आत्मविश्वासपूर्ण प्रस्तुति और निरंतर अभ्यास ने निर्णायकों एवं दर्शकों को अत्यंत प्रभावित किया।
जीवा पब्लिक स्कूल को अपनी इन होनहार छात्राओं पर गर्व है और पूर्ण विश्वास है कि ये छात्राएँ भविष्य में भी इसी प्रकार उत्कृष्ट प्रदर्शन कर विद्यालय, परिवार एवं समाज का नाम रोशन करती रहेंगी।
इस अवसर पर विद्यालय के अध्यक्ष ऋषिपाल चौहान, उपाध्यक्षा चंद्रलता चौहान तथा एकेडमिक हेड मुक्ता सचदेवा ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। अध्यक्ष ऋषिपाल चौहान ने कहा कि जीवा स्कूल न केवल शैक्षणिक उत्कृष्टता बल्कि खेल, संस्कार और समग्र व्यक्तित्व विकास को भी समान महत्व देता है। विद्यार्थियों की यह उपलब्धि जीवा स्कूल की अनुशासित शिक्षा प्रणाली, समर्पित मार्गदर्शन और निरंतर परिश्रम का सशक्त प्रमाण है।
